रिश्वतखोर पंचायत सचिव को 4 वर्ष का सश्रम कारावास

0

आलीराजपुर। विशेष प्रथम सत्र न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), जिला अलीराजपुर द्वारा रिश्वतखोरी के मामले में आरोपी पंचायत सचिव थानसिंह पिता मगरसिंह बिलवाल (निवासी: ग्राम उती, जोबट) को 4-4 वर्ष के सश्रम कठोर कारावास तथा 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी निर्मला चौहान के अनुसार, फरियादी बालू पिता सोमलिया (निवासी: ग्राम लक्ष्मण फलिया छोटी उती, तहसील जोबट) खेती व मजदूरी का कार्य करता है। वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत उती में फरियादी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुटीर निर्माण के लिए 1,20,000/- रुपये स्वीकृत हुए थे। निर्माण राशि तीन किस्तों में मिलनी थी। फरियादी को 40-40 हजार रुपये की दो किश्तें प्राप्त हो चुकी थीं और निर्माण कार्य पूर्ण हो गया था।

इसके बाद तीसरी किस्त के 40 हजार रुपये और मजदूरी के 15 हजार रुपये मिलना शेष थे। इस राशि को निकालने के एवज में जनपद उदयगढ़ की ग्राम पंचायत उती के सहायक सचिव थानसिंह ने बालू से 40,000/- रुपये की रिश्वत मांगी। आरोपी ने धमकाया कि रिश्वत की रकम मिलने पर ही बाकी राशि खाते में जमा करवाई जाएगी, अन्यथा तीसरी किस्त नहीं निकाली जाएगी।

लोकायुक्त में दर्ज कराई थी शिकायत

फरियादी बालू रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था, जिसके चलते उसने घटना की शिकायत लोकायुक्त इंदौर में दर्ज कराई। लोकायुक्त पुलिस थाना इंदौर द्वारा आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच पूरी की गई और चालान माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी थानसिंह बिलवाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 एवं धारा 13(1)डी सहपठित धारा 13(2) में दोषी ठहराया। अदालत ने आरोपी को 4-4 वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक / प्रभारी डीपीओ श्री पी.एस. अहोरिया (जिला अलीराजपुर) द्वारा की गई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.