जनपद स्तरीय जीपीडीपी 02 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन

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खरडू बड़ी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रामा के मार्गदर्शन में दिनांक 25/06/2026 से 26/06/2026 तक 02 दिवसीय जीपीडीपी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें 16वें वित्त आयोग एवं ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) विषय पर प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।

जनपद पंचायत रामा में आयोजित इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में 16वें वित्त आयोग एवं ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

आकांक्षी विकासखंड फेलो दीपिका गवली द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि जीपीडीपी का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों को गांव के समग्र, समावेशी एवं सतत विकास हेतु प्रभावी योजना निर्माण के लिए सक्षम बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान 9 स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) जैसे— गरीबी मुक्त गांव, स्वस्थ गांव, बाल हितैषी गांव, जल पर्याप्त गांव, स्वच्छ एवं हरित गांव आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर योजना तैयार एवं अपलोड करने की प्रक्रिया, भागीदारीपूर्ण योजना निर्माण, ग्राम सभाओं के माध्यम से आवश्यकताओं का चिन्हांकन एवं प्राथमिकता निर्धारण, पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं आधारभूत सुविधाओं का आंकलन तथा ग्राम विकास की चुनौतियों के समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार करने संबंधी विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

पीसीओ बाबूलाल बारिया द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI), स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की 9 थीम, संकल्प अंतिमीकरण तथा स्वयं के स्रोत से राजस्व (OSR) बढ़ाने की रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पेसा अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत ग्राम स्तर आधारित योजना निर्माण पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।

मध्य प्रदेश पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम 2022 का विस्तार पूर्वक जानकारी पेसा एक्ट ब्लॉक समन्वयक विजू मावी के द्वारा पेसा बताया गया कि

अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिये ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वशासन सुनिश्चित करना।

यह कानूनी रूप से आदिवासी समुदायों, अनुसूचित क्षेत्रों के निवासियों के अधिकार को स्वशासन की अपनी प्रणालियों के माध्यम से स्वयं को शासित करने के अधिकार को मान्यता देता है। यह प्राकृतिक संसाधनों पर उनके पारंपरिक अधिकारों को स्वीकार करता है,ग्राम सभाओं को विकास योजनाओं को मंज़ूरी देने और सभी सामाजिक क्षेत्रों को नियंत्रित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने का अधिकार देता है।

आरजीएसए बीसी राजू हटीला द्वारा सभी प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार कर ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया गया।

एमआरपी करणसिंह परमार द्वारा टीएमपी पोर्टल पर प्रतिभागियों का पंजीयन, उपस्थिति, प्रमाण-पत्र (Certificate) डाउनलोड एवं अन्य तकनीकी कार्यों में सहयोग प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण में उपस्थित सभी सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों के लिए भोजन एवं प्रशिक्षण सामग्री (बैग) का वितरण भी किया गया।

यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायतों में प्रभावी, सहभागी एवं सतत विकास आधारित योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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