योगेन्द्र राठौड़ सोंडवा सोंडवा तहसील मुख्यालय के अति प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रांगण में करीब 22 साल पहले भव्य गरबो का आयोजन होता था। विभिन्न सामाजिक कारणों से गरबो का स्थान परिवर्तित किया गया था । उसके बाद गरबा खेल मैदान पुलिस थाने के पीछे पिछले 22 सालों से हो रहे थे। पर इस बार कुछ युवाओं ने बीड़ा उठाया और माता रानी के गरबो को अपने पुराने स्थान पर ले आए जिससे सोंडवा की जनता में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है सभी तरफ युवाओं की तारीफ हो रही है कि बरसों बाद माता रानी के गरबे उसके पुराने वैभव में लौट रहे हैं । शाम ढलते ही लोगों का जमावड़ा होने लगता है ठीक 9:00 बजे माता रानी की आरती सामुहिक रुप में होती है और उसके पश्चात प्रसाद का वितरण कर गरबा रास शुरू किया जाता है । बच्चे, महिलाए,युवा आदि माता रानी कि भक्ति में लीन होकर बीना थके घंटो तक गरबा खेल रहे हैं। Post navigation आधुनिकता की दौड़ में विलुप्त होती परंपराएं, विलुप्त होता संझा पर्व माताजी के गरबा पांडाल में हुआ कन्या भोज