दिनेश वर्मा@झाबुआ

पूरे देश में करोना संक्रमण के मामले अब 31 लाख को पार कर गए हैं 57 हजार के करीब लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मध्य प्रदेश के हालात भी अच्छे नहीं है प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 52 हजार के करीब हो गई है एवं 1215 के करीब लोगों की मौत हुई है। झाबुआ जिले की स्थिति की अच्छी नहीं है यहां पर भी संक्रमितो का आंकड़ा 470के करीब पहुंच गया है छोटे-छोटे गांव की करोना संक्रमण की चपेट में आते जा रहे हैं थांदला, राणापुर एवं झाबुआ करोना संक्रमण के हॉट स्पॉट बनते जा रहे हैं लेकिन लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे है। जिला कांग्रेस ने इसे गंभीरता से लिया है।जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता क्षेत्रीय विधायक कांतिलाल भूरिया , वालसिंह मेडा, वीरसिंह भूरिया , युवा नेता विक्रांत भूरिया, प्रवक्ता हर्ष भट्ट साबिर, फिटवेल आचार्य नामदेव ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है शासन प्रशासन को रोकने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठा पा रहा है। संक्रमण को लेकर आमजन परेशानी में है बुजुर्गों एवं अन्य बीमारियों से संक्रमित लोगों में भय व्याप्त है। वे अपना इलाज कराने के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर हो रहे हैं उन्हें चारों ओर कॅरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। ज्ञातव्य है कि केंद्र कि मोदी सरकार ने मार्च माह में पूरे देश में एक साथ लॉक डाउन लागू किया था! लॉक डाउन करने से यह फायदा हुआ कि देश में कोरोना संक्रमण तेजी से नहीं फेल पाया लेकिन अनलॉक एक अनलॉक दो एवं अनलॉक 3 मैं मिली छूट के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है ।कई प्रदेशों में सावधानी बरतते हुए अपने प्रदेश में लॉक डाउन लगाया हुआ है। संक्रमण को रोकने के लिए हर राज्य अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। पूरे देश मध्यप्रदेश में एवं झाबुआ जिले में रोज लगातार कॅरोना संक्रमण के नए मामले मिल रहे हैं करोना का प्रसार छोटे छोटे शहरों से लेकर ग्रामीण अंचलों में भी पहुंच गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि छोटे शहर या ग्रामीण इलाके वाले जिले इससे निपटने के लिए कितने तैयार हैं ।प्राप्त जानकारी के अनुसार छोटे शहरों एवम गांवों में व्यवस्थाओं के नाम पर कुछ भी तैयारी नही हैं तथा छोटे शहर एवं गांव कोरोना महामारी से निपटने के लिए सक्षम नहीं है ऐसे में करोना प्रसार रोकने रोकने के लिए प्रभावी लॉक डाउन करने की सख्त की जरूरत है वर्तमान में शहरों एवं गांवों में तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीँ किया जा रहा है नहीं लोग मास्क लगाकर घूम रहे हैं । जिले केअस्पतालों में जांच को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है जांच के लिए जो सैंपल लिए जाते हैं वो बाहर भेजे जाने पर उनकी रिपोर्ट 7या 8 दिन मेंआती है लोग क्वॉरेंटाइन होने की बजाय खुलेआम शहरों में घूमते हैं जिस कारण वे लोग अननेसेसरी रूप से कोरोना संक्रमण फैलाने सहायक हो रहे हैं। यदि समय रहते हुए कोरोना संक्रमण पर काबू नहीं पाया गया तो कम्युनिटी संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है जिसे रोक पाना शासन-प्रशासन के लिए भी संभव नहीं होगा! प्रदेश की सरकार को इस बारे में जिले के जनप्रतिनिधि गणों ,वरिष्ठ चिकित्सकों एवं करोनावारियर्स से सलाह मशवरा कर प्रदेश के हित में फैसला लेना चाहिए एवं क्षेत्र में लोगों को पर्याप्त सुविधा मिले इस हेतु भी प्रयास किया जाना चाहिए।! जिला कांग्रेस ने शासन प्रशासन से मांग की है की कॅरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिले में कड़े से कड़े कदम उठाए जाएं ताकि जिले को कोरोना महामारी संक्रमण से मुक्त किया जाए।

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