झाबुआ Live Desk
नारकोटिक्स ड्रग्स एवं साइको ट्राफिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के संबंध में एक प्रदेशस्तरीय वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन मध्य प्रदेश लोक अभियोजन द्वारा किया गया जिसमें संपूर्ण प्रदेश से नारकोटिक्स बिंग के अधिकारियों एवं अभियोजन अधिकारियों द्वारा सहभागिता की गई। उपरोक्त कार्यशाला संचालक लोक अभियोजन मध्य प्रदेश पुरुषोत्तम शर्मा के सक्षम मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
अभियोजन मीडिया प्रभारी वर्षा जैन के अनुसार प्रदेश भर के अभियोजन अधिकारी वेबीनार के माध्यम से प्रशिक्षण में शामिल हुए। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए संचालक लोक अभियोजन मध्य प्रदेश पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा किअभियोजन विभाग समाज सुधारक का कार्य करें ।युवा वर्ग को नशे की आदत से मुक्त करवाकर समाज को एक नई दिशा प्रदान करें। श्री शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस से न केवल देश में बल्कि संपूर्ण विश्व में अवैध रूप से धन अर्जित किया जाता है इसीलिए पुलिस द्वारा फाइनेंसियल इन्वेस्टिगेशन शुरू करने की आवश्यकता है।

पुलिस द्वारा अभियोजन के सहयोग से न केवल अनुसंधान में बल्कि न्यायालय में भी विदेशी विनियम प्रबंधन अधिनियम( Fema) एवं मनी लांड्रिंग अधिनियम के अंतर्गत संवेदनशीलता से कार्यवाही कर ड्रग तस्करी से जुड़े हुए तस्करों की संपत्ति के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने की आवश्यकता है जिससे संगठित ड्रग रैकेट के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ा जा सके। श्री शर्मा ने संगठित ड्रग रैकेट को रोकने के लिए अभियोजन एवं पुलिस विभाग को मिलकर प्रभावी टास्क फोर्स के गठन की आवश्यकता पर बल दिया । उसके बाद कार्यशाला को संबोधित करते हुए जीजी पांडे आईजी नारकोटिक्स इंदौर द्वारा ड्रग ट्रैफिकिंग एवं उमेश श्रीवास्तव अपर सत्र न्यायाधीश इंदौर द्वारा एनडीपीएस विषय पर उपलब्ध कानूनों की समुचित विवेचना की गई एवं अभियोजन की भूमिका को रेखांकित करते हुए न्याय दान करने में शासन की समस्त एजेंसियों को समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। कार्यशाला में अशोक सोनी रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर आफ प्रॉसीक्यूशन अशोक सोनी द्वारा औषधि के व्ययन से संबंधित समुचित प्रावधानों की व्याख्या की गई। प्रभारी डीपीओ मंदसौर नितेश कृष्णन द्वारा मादक पदार्थ की अवैध तस्करी को रोकने हेतु पिट एनडीपीएस एक्ट के उद्देश्य एवं कानूनों के संबंध में व्याख्यान दिया गया एवं डीपीओ मोहम्मद अकरम शेख द्वारा एनडीपीएस एक्ट के आज्ञापक प्रावधानो की व्याख्या करते हुए कहा गया कि आज्ञापक प्रावधानो का पालन न करने का परिणाम अभियुक्त की दोषमुक्ति होगा। कार्यशाला आयोजित करवाने में एनडीपीएस एक्ट स्टेट को-आर्डिनेटर मध्य प्रदेश मोहम्मद अकरम शेख एवं प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी लोक अभियोजन मध्य प्रदेश मौसमी तिवारी का विशेष रूप से योगदान रहा। उपरोक्त प्रशिक्षण में उपसंचालक अभियोजन के.एस. मुवेल, जिला लोक अभियोजक सौभाग्य सिंह खिंची, लोक अभियोजक रवि प्रकाश राय एवं वर्षा जैन सहित समस्त लोक अभियोजन अधिकारीयों ने भाग लिया।

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