राणापुर से मयंक गोयल की रिपोर्ट यातायात व्यवस्था के हाल तो बेहाल है ही लेकिन आरटीओ साहब रोजाना गाड़ियों दौरे कर ओवरलोड गाड़ियों चालन बना रहे है। लेकिन जो बसे ठूस ठूस का भर रहे है, कितनी बसे बिना, टैक्स, फिटनेस के सरपट दौड़ रही है। उनकी नजर उस नही पड रही है। उन्हें छूट दे रखी है। चाहे फिर आम जान पर क्यो नही बन आये, मंगलवार शाम को डिग्गी -पारा फाटे के पास हुए हादसे में 11 लोग घायल हुए थे जिसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी थे। पत्रिका ने बस बारे के पड़ताल की पता चला की ये बस लोकेंद्र गुर्जर खांडवा बड़ी झाबुआ के नाम पर है, इस बस क्रमांक MP.09.S.9978 का टैक्स, बीमा फिटनेस, के बिना सरपट दौड़ रही थी, ऐसी कितनी बसे पूरे झाबुआ जिले कंडम अवस्था मे नियमो ताक पर रखकर अधिकारियों साठगांठ कर धडल्ले से बसे चल रही है, 15 सवारी जीप में 50 सवारी छोटी जीप वाले राणापुर से दाहोद चलती है जिसमे सवारी तो 15 की केपेसिटी रहती है। लेकिन गाड़ी वाले 50 सवारी भर लेते जबकि यहां गाड़ी का ड्राइवर होता उसे आगे देखने के जरा जगह रहती, बोनट, गाड़ी के चारो ओर लटक सफर करते है। जिससे कई लोगो मौत हो गई, लेकिन प्रशासन इसकी कोई परवाह नही बस अपना काम हो रहा है आरटीओ शनिवार को आ जीते थोड़े चालान बनाकर निकल जाए ताकि कागजो पर बता दे कि हम कार्यवाही कर रहे है। Post navigation नाबालिग से दुराचार के आरोपी का नगर में पुलिस ने जुलूस निकाल करवाई दंड-बैठक चारे से भरे ट्रक में लगी आग, चालक सूझबूझ से टला बड़ा हादसा