झाबुआ लाइव के लिए दाहोद ब्यूरो चीफ राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट- ईमानदारी आज भी जिंदा है ऐसा ही एक वाकया दाहोद के रीदम हॉस्पिटल में देखने को मिला। गुरुवार शाम को लिमडी से अपना इलाज कराने आई नीता जुगल सोनी अपना पर्स हॉस्पिटल के काउंटर पर भूलकर लिमडी के लिए निकल गई।जब काउंटर पर बैठे मनोज परमार ने पर्स देखा तो कुछ देर तक तो इंतजार किया कि जिसका पर्स होगा वह लेने आएगा ही लेकिन कोई नहीं आया फिर मनोज ने खुद उनका नम्बर कंप्यूटर में सर्च किया और फोन लगाया तब नीता सोनी को पता चला की उनका ही पर्स हॉस्पिटल में रह गया। वह रास्ते से ही पर्स लेने आए उनके पर्स में 25 हजार रुपए नकदी व सोने के कड़े आदि उन्हें सुरक्षित मिलने पर बहुत खुशी हुई और खुशी से मनोज को उनकी ईमानदारी का इनाम देकर गई। Post navigation कलेक्टर ने मोजूदा दोर के तनाव को देखते हुऐ सोशल मीडिया चलाने वालो के लिऐ जारी की चेतावनी भरी एडवाईजरी अब लिपिक-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की हड़ताल ने बढ़ाई प्रदेश सरकार की मुश्किले: 13 अप्रैल से हड़ताल शुरू