झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
ग्राम टेमरिया में गुरूवार को सात दिवसीय तीज पर्व का समापन बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। सात दिवसीय इस आयोजन की शुरूआत श्रावण माह में होती है, जिसमें नवविवाहित युवतियां द्वारा भगवान कृष्ण व गोपियों की प्रतिकृति बनाकर प्रतिदिन उनकी पूजा अर्चना और श्रंगार किया जाता है और प्रतिदिन शाम के समय नदी के तट पर ले जाकर पानी पिलाने की रस्म अदायगी की जाती है जिसमें युवतियां सिर पर प्रतिकृति को रख कर आकर्षक गरबा और नृत्य करती है, अंतिम दिवस प्रति एक घर से जहां पर प्रतिकृति की स्थापना की गई है, सम्मिलित रूप से जा कर नदी पर पूजा अर्चना के पश्चात प्रतिकृति को लेकर बड़े मैदान में आते है और नाचते गाते हुए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है जिसमें जो गोपी कृष्ण की प्रतिकृति को दौड़ कर पकड़ लेती है उस गोपी रूप प्रतिकृति के साथ कृष्ण की प्रतिकृति का विवाह संपन्न किया जाता है। इस समारोह में पूरा गांव एकत्रित होकर ढोल, बैंडबाजों के साथ जुलूस निकालता है युवतियां और महिलाएं गरबा करते हुए चलती है।
वर्षो पुरानी परंपरा-
ग्राम टेमरिया जो कि आंजना बाहुल्य क्षेत्र है। इस क्षेत्र में इस परपंरा का निर्वहन वर्षो पूर्व से किया जा रहा है। गांव के बुुजुर्ग बताते है कि इस प्रकार के पर्व से नवविवाहित युवतियों को अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वचन प्राप्त होता है, गुरूवार को संपन्न हुए इस पर्व में पूरे समाज का सहभोज आयोजित किया गया था जिसमें सभी वर्ग व आयु के समाज जन ने मिल जुलकर पर्व मनाया। साथ ही इस कार्यक्रम में ग्राम करड़ावद, देहंडी तथा आसपास के समाजजन भी शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *