केसर-चंदन के छापे लगाकर मनाया महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव

बामनिया में महावीर स्वामी को पालना झुलाते लाभार्थी परिवार ।
बामनिया में महावीर स्वामी को पालना झुलाते लाभार्थी परिवार ।
त्रिशला माता के 14 स्वप्नों पर नाट्य रूपातंरण किया गया
त्रिशला माता के 14 स्वप्नों पर नाट्य रूपातंरण किया गया

साध्वीद्वय के सानिध्य में माता त्रिशला के 14 स्वप्नों पर किया नाटय रूपातंरण
झाबुआ लाइव के लिए बामनिया से लोकेंद्र चाणोदिया की रिपोर्ट-
पर्युषण पर्व के दौरान कल्पसूत्र वाचन में भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन को जन्म कल्याणक महोत्सव के रूप में महावीर स्थानक, महावीर मंदिर व गुरू मंदिर पर साध्वी रत्नत्रयाश्रीजी व तत्वत्रयाश्रीजी के सान्निध्य में धूमधाम से मनाया गया। महावीर स्थानक भवन पर स्वाध्यायी विपुलभाई वागरेचा जन्म वाचन किया। साथ ही दोनों ही मंदिरों में भी कल्पसूत्र शास्त्र वाचन में भगवान महावीर स्वामी की माता त्रिशला को जो 14 दिव्य स्वप्न दिखे थे, उनका उल्लेख किया गया। दोपहर 3 बजे पेटलावद रोड स्थित वर्धमान स्थानक भवन में भगवान महावीर स्वामी का जन्मवाचन किया गया औ 14 स्वप्नों पर श्रावक-श्राविकाओं द्वारा नाट्य रूपातंरण भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बताया गया 14 स्वप्न में किन-किन स्वप्नों को देखने से क्या-क्या प्रतिफल मिलता है, जिसमें यह भी बताया गया की जिन्हें यह 14 स्वप्न दिखते है. वह तीर्थकंर भगवान की माता होती है. एसे ही 14 महास्वप्न भगवान महावीर की माता ने देखे जिसके पश्चात प्रभु महावीर स्वामी को जन्म दिया। साथ ही 14 स्वपनाजी, आरती, मंगल दिवा, जन्मवाचन आदि की बोलियां लगाई गई. जिसमें समाजजनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जन्म वाचन पश्चात लाभार्थी परिवार द्वारा भगवान महावीर स्वामी को पालना झुलाया गया, सभी समाजजनों ने एक दूसरे को केसर, चंदन के छापे लगाकर भगवान के जन्म की बधाई दी। शाम को स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया गया। रात्रि में संगीतमय भक्ति का आयोजन ललित-अभ्य चातुर्मास समिति द्वारा किया गया।