झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश शुक्ला की रिपोर्ट- मनुष्य को भगवान पर सदैव भरोसा रखकर अपने कत्र्तव्यो का पालन करना चाहिए, क्योकि जो लोग कत्र्तव्यो का पालन नही करते है, वह भगवान की आज्ञा का उल्लंघन करते है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।यह बाते पंडित प्रफुल्ल हरिकृष्ण शुक्ला ने कही। वे निलकंठेश्वर महादेव मंदिर पर चल रही शिव महापुराण कथा के 12वें दिन प्रवचन के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने बताया मुख्य द्वादश ज्योर्तिलिंग है उनके उपलिंग है। जैसे सोमनाथ का उपलिंग अंतकेश्वर है। यह माही नदी और समुद्रक संगम पर है। मलिकार्जुन से प्रकट हुआ उपलिंग रूदेश्वर है। वह भूज में है। महांकाल का उपलिंग दुग्घेश्वर है। यह नर्मदा के तट पर है। ओंकारेश्वर का उपलिंग कर्दमेश्वर है। यह बिंदु सरोवर पर है। केदारेश्वर का उपलिंग भूतेश्वर है। यह यमुना नदी के तट पर है। भीमाशंकर का उपलिंग भीमेश्वर है। यह सह्य पर्वत पर है। उसी प्रकार नागेश्वर का उपलिंग भूतेश्वर है। यह मल्लिका सरस्वति के तट पर है। रामेश्वर का उपलिंग गुप्तेश्वर पर कहते है। घुष्मेश्वर का उपलिंग याघ्रेश्वर है। ये उपरोक्त उपलिंग दर्शन मात्र से पाप हारी है। यह मनोकामना पूरी पूरी करने वाले है। बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु- शिव महापुराण कथा का श्रवण करने लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरूष पहुंच रहे है और कथा श्रवण कर रहे है। मंगलवार को होगा कथा का समापन- 15 दिनो तक चलने वाली इस शिव महापुराण कथा का समापन 16 अगस्त को होगा। समापन के बाद महाआरती होगी और प्रसादी का वितरण होगा और शिव महापुराण को शोभायात्रा के रूप में ले जाया जाएगा। —————- Post navigation सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगी मरीजों की लाइन बलाई समाज के पदाधिकारी जिले का दौरा कर जोड़ेंगे समाज को