झाबुआ। सकल व्यापारी संघ द्वारा जनसहयोग से निर्मित मोक्ष रथ का लोकार्पण गुरूवार शाम 7 बजे स्थानीय पैलेस गार्डन पर किया जाएगा। रथ के लोकार्पण के लिए पिपलखुंटा के महंत परम् पूज्य दयारामजी महाराज, सेमलिया बड़ा के कानूजी महाराज एवं शिवगंगा प्रमुख महेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कई दिनों से रथ निर्माण को लेेकर शहर में जनचर्चा का विषय बना हुआ था। इसके लोकार्पण के बाद मुक्तिधाम तक जाने में जो असुविधा होती थी, उससे अब निजात मिल सकेगी। मुक्तिरथ गुरूवार से शहर को समर्पित हो जाएगा। 4 माह में सपना हुआ पूरा सकल व्यापारी संघ के अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर एचं सचिव कमलेश पटेल ने बताया कि व्यापारी संघ एवं शहर की विभिन्न संस्थाओं व समाजसेवियों ने मुक्ति रथ बनाने का सपना आज से तीन-चार माह पूर्व देखा था, इसके लिए अनेक विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे, जिससे इस रथ को बनाने के लिए राशि का एकत्रीकरण किया गया था, रथ को बनाने में शहर के सभी वर्गों का सहयोग रहा और मात्र चार माह के अंतराल में रथ तैयार हो गया। रथ के आने से शहरवासियों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। जूनागढ़ में 20 दिन में बना रथ व्यापारी संघ के सह-सचिव पंकज मोगरा एवं कोशाध्यक्ष राजेश शाह ने बताया कि जूनागढ़ (गुजरात) के व्यापारी मितेशभाई ने मोक्ष रथ को 20 दिन में तैयार कर दिया है। 407 वाहन के चेसिस पर मितेशभाई ने अपनी विशेष कारीगरी दिखाते हुए उस पर मजबूती के लिए फेब्रिकेशन की बार्डर बनाने के बाद फाइबर बॉडी से रथ का निर्माण किया। मात्र 20 दिन में विशेष आकर्शण के साथ रथ तैयार कर सकल व्यापारी संघ को सौंप दिया। रथ में आगे भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित है। अंदर शव रखने एवं परिजनों को बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अंतिम यात्रा के दौरान रथ के अंदर विशेष प्रकार के धार्मिक साउंड की व्यवस्था भी की गई है। रथ का आकर्षक डेकोरेशन किया गया है। रथ के ऊपर केसरिया ध्वज, मोर मुकुट एवं चारो ओर कलश का निर्माण किया गया है। मुक्तिरथ के लिए स्थानों का किया चयन मुक्तिधाम प्रभारी राजेन्द्र यादव एवं प्रवीण रूनवाल ने बताया कि बैठक में तय किया गया था कि मुक्तिरथ को रखने के लिए मुक्तिधाम पर एक शेड का निर्माण किया जाएगा, इसके लिए स्थाई वाहन चालक की व्यवस्था भी की जा रहीं है। शहर में विभिन्न स्थानों पर जहां रथ खड़ा रहेगा, ऐसे स्थानों का चयन कर लिया जाएगा। Post navigation ठेकेदार की लापरवाही से तीन दिनों से बंद है पिटोल-मलवान मार्ग प्रधानमंत्री ने की आदिवासियोंं की उपेक्षा – कलावती भूरिया