झाबुआ लाइव के लिए थांदला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट- राष्ट्रीय पर्व के आते ही सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाएं तैयारियों के तौर पर अपने पास रखी सामग्रियों को व्यवस्थित करने के लिए जुट जाते है अपने पास रखे तिरंगे को व्यवस्थित कर उन पर पड़े सल हटाने के लिए प्रेस कर तैयार करते हैं। मगर थांदला के भंगार व्यवसायी विक्रम भदाले के यहां इसके विपरीत नजारा देखने को मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रद्दी के बीच में रख कर तिंरगा ही भंगार व्यावसायी को दे गया, परंतु तिरंगे का अपमान होते देख भंगार व्यवसायी ने उस रद्दी व्यवसायी ने तिरंगे को रद्दी से निकाल कर उसे धुलवा कर एवं प्रेस करवाकर रख दिए। उनका कहना है कि मेरे पुत्र शिवाजी भदाले ने रद्दी में छांटते समय तिरंगे दिखाई दिए जो पूरी तरह से मटमैले हो चुके थे एवं कई जगह से फट चुके थे जिन्हे तैयार कर पुन: व्यवस्थित कर दिया है जिनकी संख्या एक दर्जन है। Post navigation जड़ी-बूटी दिवस मनाया आदिवासी एकता परिषद के कार्यक्रम को भाजपाइयों पदाधिकारियों ने किया विरोध