बोरी। मध्य प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 1 नवंबर को स्थापना दिवस पर आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के बोरी स्थित शासकीय एकीकृत कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कोई आयोजन नहीं किया गया। एक तरफ जहाँ पूरे प्रदेश के सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और छात्रावासों में स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं बोरी का यह कन्या विद्यालय उपेक्षा का शिकार बना रहा।
इस संबंध में जब विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य महेंद्र कुमार राठौर से जानकारी ली गई, तो उन्होंने कार्यक्रम आयोजित न होने पर अनभिज्ञता जताई। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वे इस समय दाहोद (गुजरात) में हैं और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि स्कूल में आयोजन हुआ या नहीं। साथ ही उन्होंने यह संभावना जताई कि हो सकता है कार्यक्रम कन्या हॉस्टल में आयोजित किया गया हो।
रविवार का बहाना या प्रशासनिक लापरवाही?
सवाल यह उठता है कि क्या 1 नवंबर को रविवार होने के कारण स्कूल प्रशासन ने अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली? मध्य प्रदेश शासन और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नियमों के अनुसार स्थापना दिवस का आयोजन अनिवार्य है। ऐसे राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शासकीय पर्वों पर रविवार होने के बावजूद संस्था प्रमुख और स्टाफ का दायित्व बनता है कि वे परिसर में एकत्र होकर प्रभात फेरी, ध्वजारोहण, मध्य प्रदेश गान और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करें।
जिम्मेदारों की गैर-मौजूदगी पर उठे सवाल
मुख्यालय छोड़ने और राज्य स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का गैर-हाजिर रहना तथा बिना किसी पूर्व व्यवस्था के अन्य राज्य (दाहोद) में उपस्थित होना विद्यालय प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। यदि प्राचार्य अवकाश या किसी कारणवश बाहर थे, तो संस्था के अन्य शिक्षकों या प्रभारियों को आयोजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने शासकीय आदेशों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर सख्त आपत्ति जताई है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन बोरी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई इस लापरवाही पर क्या संज्ञान लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *