मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

जोबट विधानसभा क्षेत्र के छोटा इटारा में पेयजल समस्या को लेकर आखिरकार प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आए। जोबट विधायक सेना महेश पटेल की नाराजगी के बाद गांव में हैंडपंप लगाया गया।

गौरतलब है कि इससे पहले सोजावाड़ा में आयोजित जनविश्वास शिविर के दौरान विधायक सेना महेश पटेल ने गंदे पानी का वीडियो दिखाकर पीएचई विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी क्रम में छोटा इटारा में पानी की समस्या को लेकर भी कार्रवाई हुई और हैंडपंप लगाया गया। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।

सवाल यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को इंतजार क्यों करना पड़ता है? यदि समय पर समस्याओं का समाधान हो, तो ग्रामीणों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। स्मरण रहे कि विगत दिनों क्षेत्रीय विधायक सेना महेश पटेल ग्राम छोटा इटारा में ग्रामीणों की मांग पर स्वीकृत बिजली डी.पी का लोकार्पण करने पहुंची थी जहां पर ग्रामीणों ने बताया कि लगभग चार-पांच महीने पूर्व पी.एच.ई विभाग द्वारा एक हैंडपंप का खनन कराया गया था जिसे आज तक चालू नहीं किया गया है जिस कारण ग्रामीणों को पेयजल की परेशानी हो रही है तथा नालों का गंदा पानी भरकर पीना पड़ रहा है।
विधायक सेना पटेल ने ग्रामीणों के सामने ही विभाग के अधिकारी को समस्या से अवगत कराया तो उन्हें दो दिन में हैंडपंप लगाने का आश्वासन ग्रामीणों के समक्ष दिया गया मगर इसके बाद भी हैंडपंप नहीं लगाया गया तब सेजावाडा में आयोजित जन विश्वास शिविर में उन्होंने इस मुद्दे को अधिकारियों के समक्ष उठाते हुए कहा कि यदि अतिशीघ्र हैंडपंप नहीं लगाया जाता है तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगी तथा भोपाल तक यह मुद्दा उठाया जाएगा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्वच्छ जल की व्यवस्था सरकार नहीं कर पा रही है। इसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में व्यवस्था कर 17 अक्टूबर को हैंडपंप स्थापित कर दिया जिससे ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है उन्होंने क्षेत्रीय विधायक का आभार प्रकट किया है।

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