थांदला। आचार श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म. सा., रोचक वक्ता पूज्य संदीपमुनिजी म. सा. आदि ठाणा – 8 व साध्वी श्री निखिलशीलाजी म. सा. आदि ठाणा – 4 के सानिध्य में अखिल भारतीय श्री धर्मदास गण परिषद का डूंगर प्रांतीय अधिवेशन थांदला श्रीसंघ के तत्वावधान में आयोजित हुआ। शिविर में थांदला झाबुआ, मेघनगर, रायपुरिया, करड़ावद, कल्याणपुरा, खवासा, बामनिया, पेटलावद, रायपुरिया, करवड़, सारंगी, राणापुर, लिमड़ी, दाहोद, संजेली, लीमखेड़ा, झालोद, कुशलगढ़, बांसवाड़ा आदि डूंगर के 21 श्रीसंघों के श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

संप्रदाय व्यवस्था आराधना के लिए है

अधिवेशन में मार्गदर्शन प्रदान करते हुए तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म. सा. ने कहा कि संप्रदाय व्यवस्था आराधना के लिए है। चारों तीर्थो के लिए उपयोगी है। भगवान के समय में कुल, गण, संघ की व्यवस्था थी। श्रावक भी संप्रदाय से जुड़कर आराधना में उन्नति करता है। साधु का अनुयायियों के क्षेत्र में आसक्ति रखना परिग्रह रूप है। आपने डूंगर के संघों को प्रेरणा देते हुए कहा कि धर्म संघ में गुटबाजी अनुचित है। पद से चिपके रहना अच्छा नहीं, पर पद से दूर भागना भी उचित नहीं। तुनक तुनक पर पदभार छोड़ना बुद्धिमानी नहीं है। टीम रूप में काम करना चाहिए। व्यापार, राजनीति व परिवार के विवादों को धर्म के मंच पर नहीं लाए। एकता, पारदर्शिता, सादगी, विनय, समर्पण और सेवा भावना से धर्म संघ को और मजबूत बनाने का संकल्प लेवे। आपने कई श्री संघों के श्रावकों की संघ सेवा, समझदारी, विनय, समर्पण का उल्लेख भी किया।

अपने उद्देश्य के अनुसार संघ ना चलाएं

रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी म. सा. ने संघों को संदेश देते हुए कहा कि दिखावा, फिजूल खर्ची बिल्कुल बंद करें, संघ के विवादों को मोबाइल में चर्चित नहीं करे। स्वयं सेवक बनकर समाज सेवा करें। पदाधिकारी, संघ या संगठन के उद्देश्य के अनुरूप काम करें। अपने उद्देश्य के अनुसार संघ ना चलाएं। पदाधिकारी से पूछे बिना संघ के कोई भी कार्य करना उचित नहीं है। पद हेतु खींचातानी भी उचित नहीं है। संघ अध्यक्ष व पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों पर कहा कि प्रत्येक संघ अध्यक्ष व पदाधिकारी सादगी से रहने वाले हो, व्यवहार कुशल हो, हिसाब में पारदर्शिता रखने वाले हो, सभी के सुख-दुख जानने वाले हो, शांति से सभी की बात सुनने वाले हो, व्यसन मुक्त जीवनशैली वाले हो, सभी के सुझाव समझने वाले हो। इसके अलावा दोनों संतों ने और भी विभिन्न बिंदुओं पर अपना मार्गदर्शन दिया।

बदनावर में वर्षीतप के पारणे को ऐतिहासिक बनाने की अपील

धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भंसाली ने अक्षय तृतीया पर बदनावर में होने वाले वर्षीतप के पारणे को ऐतिहासिक बनाने की सभी से अपील की व बदनावर संघ की व्यवस्था अनुसार सहयोग का आग्रह भी किया। थांदला श्री संघ के अध्यक्ष प्रदीप गादिया ने अणु जन्म भूमि हेतु सभी से सहयोग का निवेदन किया।

बीमार व्यक्ति के इलाज हेतु एक लाख तक की तत्काल सहायता देने का प्रस्ताव

दूसरे सत्र में आयोजित विचार गोष्ठी में गण परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनीत वागरेचा व संजेली श्री संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष मयूर वागरेचा ने गण परिषद से संबंधित संघों में स्थानक व्यवस्था आदि विषयों पर नियामावली बनाने का सुझाव दिया। झाबुआ श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप रूनवाल ने बीमार व्यक्ति के इलाज हेतु ₹ 1 लाख तक की तत्काल सहायता देने का प्रस्ताव रखा। जिसमें ₹1000 के 100 सदस्य बनाने का निर्णय हुआ व 18 व्यक्तियों ने सहयोग की तत्काल स्वीकृति प्रदान की।

अल्पसंख्यक व अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रस्ताव

धर्मदास गण परिषद के डूंगर झोन प्रभारी प्रवीण रूनवाल ने अल्पसंख्यक व अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रस्ताव रखा। इस हेतु अंकित चौपड़ा को प्रभारी नियुक्त किया गया। धर्मदास गण परिषद न्यास के गठन की कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने पर एडवोकेट अशोक संघवी बदनावर का सभा में हर्ष ध्वनि से धन्यवाद कर साधुवाद दिया गया। इसके अलावा भी अन्य कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव व निर्णय लिए गए।

इन्होंने ने भी अपना सुझाव दिया

इस अवसर पर धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक जितेंद्र घोड़ावत, राष्ट्रीय मंत्री विमल मुथा बामनिया , पूज्य श्री नंदाचार्य साहित्य समिति मेघनगर के मुख्य व्यवस्थापक पंकज वागरेचा , अखिल भारतीय चंदना श्राविका संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री प्रेमलता मेहता दाहोद , मेघनगर संघ के अध्यक्ष  रवि  सुराणा, उपाध्यक्ष विनोद जी बाफना, पारस जी छाजेड़ थांदला ,  केवल कटकानी झाबुआ आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

गण के पदाधिकारी व सदस्य थे उपस्थित

इस अवसर पर धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री शैलेश पीपाड़ा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद धोका, अखिल भारतीय श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग नाहर, अखिल भारतीय श्री चंदना श्राविका संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता मोदी के अलावा गण परिषद व गण की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। आतिथ्य सत्कार का लाभ थांदला श्री संघ ने लिया । आभार थांदला श्री संघ के सचिव हितेश शाहजी ने माना ।

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