वडनगर से वाराणसी जाने वाली सेवा संकल्प यात्रा पहुंची पिटोल, गुजरात-मध्यप्रदेश सीमा पर हुआ भव्य स्वागत
भूपेंद्र नायक, पिटोल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और उनके सार्वजनिक जीवन व सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में ‘सेवा संकल्प यात्रा’ निकाली जा रही है। प्रधानमंत्री की जन्मस्थली वडनगर (गुजरात) से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी की ओर जा रही यह यात्रा रविवार को पिटोल पहुंची। गुजरात-मध्यप्रदेश सीमा पर करीब 35 बाइकर्स के जत्थे का प्रदेश की मंत्री निर्मला भूरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष भानु भूरिया, भाजयुमो जिलाध्यक्ष प्रकाश परमार और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दौलत भावसार सहित अनेक भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।
वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा कार्यों से प्रेरित होकर देशभर में जिन मोहल्लों, फलियों या गांवों का नाम उनके नाम पर रखा गया है, वहां यह यात्रा विशेष रूप से पहुंच रही है। इसी कड़ी में पिटोल से 2 किलोमीटर दूर बैतूल-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे ग्राम कालाखूंट स्थित ‘मोदी फलिया’ में भी यह यात्रा पहुंची। यात्रा के स्वागत में स्थानीय संस्कृति की अनोखी झलक देखने को मिली। ग्रामीणों ने यात्रियों को स्थानीय भुट्टे और ककड़ी का स्वाद चखाया। साथ ही पारंपरिक ढोल की थाप पर टीमली नृत्य हुआ, जिसमें यात्रा में शामिल युवाओं ने भी ग्रामीणों के साथ जमकर कदम थिरकाए।

खाटला बैठक में ग्रामीणों ने साझा किए अनुभव
कालाखूंट गांव में ग्रामीणों के बीच पारंपरिक तरीके से खाटला बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। यात्रा में शामिल सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ बैठकर केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान गांव की मीराबाई ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उनका मकान कच्चा था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद उनका पक्के मकान का सपना पूरा हो सका। अन्य ग्रामीणों ने भी सरकारी योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। खाटला बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष भानु भूरिया और मंडल अध्यक्ष दिनेश मेवाड ने मोदी फलिया के नामकरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आवास योजना के माध्यम से इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कच्चे मकानों के स्थान पर पक्के मकान बने थे। इससे प्रेरित होकर ग्रामीणों ने ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर इस फलिया का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर ‘मोदी फलिया’ रखने का निर्णय लिया था। उन्होंने ग्रामीणों से अन्य पात्र योजनाओं का लाभ लेने का भी आह्वान किया।
