भोजन में अनियमितता की शिकायत पर भड़के मंत्री, कहा—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

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मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आलीराजपुर (आम्बुआ) स्थित बालिका एवं बालक छात्रावास में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति (NESTS) द्वारा संचालित व्यवस्थाओं का मंत्री नागरसिंह चौहान ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की व्यवस्था देखी और बालक-बालिकाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

मंत्री चौहान ने बच्चों से कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ भोजन, आवास सहित बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज जनजातीय समाज की बेटियां इंदौर, भोपाल, मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का लाभ लेकर मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए तथा अपने माता-पिता और समाज का नाम रोशन करना चाहिए।

भोजन में अनियमितता की बच्चों ने की शिकायत

निरीक्षण के दौरान मंत्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि छात्रावास में किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वे खुलकर बताएं। इस पर बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें रखीं। विद्यार्थियों ने बताया कि दाल और सब्जी में पानी अधिक होने के साथ ही भोजन में कीड़े पाए जाने जैसी समस्या भी सामने आई है। बच्चों ने भोजन व्यवस्था के साथ-साथ शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठाए। बच्चों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री चौहान ने भोजन बनाने वाले संबंधित लोगों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे से इस प्रकार की शिकायत दोबारा नहीं आनी चाहिए।

मंत्री ने विद्यार्थियों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि “कोई भी समस्या हो तो सीधे मुझसे बात कीजिए। मेरा नंबर 24 घंटे चालू रहता है।” 1984-85 का दौर याद कर बोले—आज बेटियों के पास आगे बढ़ने के अवसर छात्राओं से संवाद करते हुए मंत्री चौहान ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि 1984-85 के समय गांवों में न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न ही पहनने के लिए चप्पल तक आसानी से उपलब्ध होती थी। राष्ट्रीय त्योहारों पर जब अच्छा भोजन मिलता था तो बच्चे कई दिन पहले से ही खुश हो जाते थे। उन्होंने कहा कि आज समय बदल गया है और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत और प्रयास करना चाहिए।

महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील

मंत्री ने छात्राओं को डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, महात्मा गांधी, वीर सावरकर और चंद्रशेखर आजाद के जीवन एवं संघर्षों के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से महापुरुषों के इतिहास को पढ़ने और उनके संघर्षों से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और संघर्ष के बल पर व्यक्ति जीवन में ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकता है। उन्होंने धानपुर की बेटी दीप्ति के कलेक्टर बनने का उदाहरण देते हुए छात्राओं का उत्साह बढ़ाया और कहा कि मेहनत एवं लगन से बेटियां भी बड़े पदों तक पहुंच सकती हैं।

मंत्री के सामने प्रभारी प्राचार्य ने रखी विद्यालय की समस्याएं

निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्राचार्य निरपेन्द्र कुमार ने विद्यालय की विभिन्न समस्याओं से मंत्री चौहान को अवगत कराया और उनके समाधान की मांग रखी।

प्रभारी प्राचार्य के अनुसार विद्यालय में—

– रोटी मेकर मशीन खराब है और स्थानीय स्तर पर इसे सुधारने वाला कोई तकनीशियन उपलब्ध नहीं हो रहा है।
– विद्यालय की बिजली व्यवस्था रूरल फीडर से होने के कारण बार-बार बिजली गुल होने की समस्या बनी रहती है।
– खेल का मैदान नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है।
– विद्यालय तक सड़क की समस्या है।
– बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण भी विद्यालय परिसर से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।

प्रभारी प्राचार्य ने इन समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री से आवश्यक कार्रवाई और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

मेडिकल शिक्षा और उच्च शिक्षा के अवसरों का किया उल्लेख

मंत्री चौहान ने कहा कि जनजातीय समाज के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने एसटी विद्यार्थियों की मेडिकल शिक्षा में सरकार द्वारा दी जा रही सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक परिस्थितियां बच्चों की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे दिल्ली सहित देश के अच्छे संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का लक्ष्य रखें और मेहनत से अपने भविष्य का निर्माण करें। निरीक्षण के दौरान मंत्री नागरसिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष भरत कुमार माहेश्वरी, पूर्व सरपंच जुवान सिंह रावत, प्रभारी प्राचार्य निरपेन्द्र कुमार सहित विद्यालय के बालक-बालिकाएं एवं संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।

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