भूपेंद्र नायक, पिटोल
स्थानीय खेल मैदान के पास नौकर के रुपयों के लेनदेन के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामले में दो पक्षों के बीच दिनदहाड़े पत्थरबाजी हुई, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल झाबुआ भेजा गया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। इस घटना से आक्रोशित सर्व समाज ने पुलिस चौकी पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया और अतिरिक्त बल की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 जून 2026 की शाम 6 से 7 बजे के बीच पिटोल खेल मैदान के पास स्थित धूम सिंह पिता काना गुंडिया की दुकान पर विवाद शुरू हुआ। दुकान पर काम करने वाले नौकर अभिषेक जमुनिया का नरेश पिता हुमा मच्छार से रुपयों का लेनदेन था। इसी बात को लेकर धूम सिंह और नरेश के बीच हाथापाई हो गई। देर रात तक चले इस विवाद को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया था।
हालांकि, अगले दिन 13 जून 2026 को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच दोनों पक्ष दोबारा आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई। इस घटना में धूम सिंह पिता काना, काना पिता हकला और माना पिता हुकीया गुंडिया सहित कुल चार लोगों को चोटें आईं। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल झाबुआ रेफर किया गया।
दुकान में तोड़फोड़, चार के खिलाफ मामला दर्ज
इस घटना को लेकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट करने के आरोप में नरेश, हरि, निक्कू और छोटू मच्छार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (B), 324 (4), 115 (2), 351 (2) एवं 3/5 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
सर्व समाज ने किया शांतिपूर्ण विरोध, की पुलिस बल की मांग
दिनदहाड़े पुलिस चौकी के सामने और खुले मैदान में हुई इस पत्थरबाजी से पिटोल के जनमानस में तनाव का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि यह घटना बाजार में होती तो कई निर्दोष लोग घायल हो सकते थे। घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पिटोल और आसपास के गांवों के जनजाति समाज सहित सभी वर्ग एवं धर्म के लोग एकत्रित होकर पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने चौकी प्रभारी अशोक बघेल से चर्चा कर स्थिति पूरी तरह शांत होने तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की।
“इस घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल की मांग की गई है। स्थिति पर हमारी पूरी नजर है।” – अशोक बघेल, चौकी प्रभारी, पिटोल