छकतला के कटवाड में जंगली जानवर का आतंक, 6 बकरियों का शिकार किया

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ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला

क्षेत्र के कटवाड गांव में कल रात एक जंगली जानवर ने रिहायशी इलाके में घुसकर भारी तबाही मचाई। घटना कटवाड के पटेल फलियां निवासी बच्चु पिता रामसिंह डावर के घर की है। जंगली जानवर ने उनके घर के पास बने एक कच्चे घर (अडाला) को निशाना बनाया, जहां बकरियां बंधी हुई थीं। इस हमले में 6 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बकरा गंभीर रूप से घायल है।

बताया जा रहा है कि पीड़ित बच्चु कल रात एक पारिवारिक कार्यक्रम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। परिवार के अन्य सदस्य पास ही में बने दूसरे मकान में सो रहे थे। पीड़ित का घर मुख्य बस्ती से थोड़ा एकांत (दूर) में स्थित है। कल रात मौसम खराब होने और तेज़ हवाएं चलने के कारण, पड़ोस के कच्चे घर (अडाला) में मवेशियों की चीख-पुकार और जंगली जानवर की आहट परिवार के सदस्यों तक नहीं पहुंच सकी। इसी का फायदा उठाकर जानवर ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया।

खेत में मिले पगचिह्न, लकड़बग्घा होने की आशंका

सुबह जब परिवार के सदस्य मवेशियों को देखने पहुंचे, तब जाकर इस भारी नुकसान का पता चला। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही फॉरेस्ट विभाग के गार्ड ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कच्चे घर के पीछे वाले खेत में जंगली जानवर के पैरों के निशान (पगचिह्न) मिले हैं। वन विभाग के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, ये निशान किसी लकड़बग्घे (Hyena) के हो सकते हैं, जिसने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है।

वन विभाग ने शुरू की मुआवजे की कार्रवाई

घटना के बाद डिप्टी रेंजर थानसिंह मंडलोई, बीड गार्ड सुरेन्द्र मेहता, नरेंद्रसिंह बारिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाया। डॉक्टरों की देखरेख में मृत बकरियों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर लिया है, जिसे आगे की आवश्यक कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। ग्रामीण इलाके में इस घटना के बाद से ही दहशत का माहौल है।

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