RO पाइपलाइन में गड़बड़ी से वार्ड-14 में पेयजल संकट 

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शान ठाकुर, पेटलावद 

नगर के वार्ड क्रमांक-14 निवासी सीमान्त सिंह राठौर ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर RO जल प्रदाय योजना में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पिछले 3-4 माह पूर्व से वार्ड में RO पाइपलाइन के माध्यम से जल वितरण कार्य शुरू होने के बाद से उनके घर में पानी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है।राठौर के अनुसार उनके घर में दो नल कनेक्शन होने के बावजूद पानी पर्याप्त प्रेशर से नहीं आ रहा है, जिससे रोजमर्रा के उपयोग और पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। उनका कहना है कि पूर्व में नगर परिषद द्वारा पानी वितरण के दौरान बड़ी पाइपलाइन डाली गई थी, जिससे पर्याप्त पानी मिलता था, लेकिन नई RO पाइपलाइन में छोटे साइज के पाइप लगाए गए हैं। इसी कारण पानी का दबाव कम हो गया है।

घर के सामने से नहीं डाली गई नई लाइन

आवेदनकर्ता ने बताया कि उनके घर के सामने से पुरानी पाइपलाइन पहले से गुजर रही है, लेकिन नई RO पाइपलाइन उनके घर के सामने से नहीं डाली गई। इसके बजाय लगभग 50 फीट दूर जा रही दूसरी लाइन से कनेक्शन दिया गया है, जिससे पानी का प्रवाह और अधिक प्रभावित हो रहा है। साथ ही नलों में साफ पानी भी नहीं आ रहा है।

पास में मकान नहीं, इसलिए पाइप नहीं डाले

पीड़ित के अनुसार RO कंपनी की एक महिला अधिकारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि आवेदनकर्ता के घर के आसपास अधिक मकान नहीं हैं, इसलिए वहां नई पाइपलाइन नहीं डाली गई। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में यदि वहां नए मकान बनेंगे तो कंपनी को दोबारा पाइपलाइन डालनी ही पड़ेगी। ऐसे में पहले से मौजूद पुरानी लाइन से ही नई पाइपलाइन जोड़कर समस्या का समाधान किया जा सकता था।

निजी खर्च से मंगवाने पड़े पानी के टैंकर

कंपनी की इस लापरवाही के कारण राठौर को पिछले 3-4 महीनों में 10 से 12 पानी के टैंकर निजी खर्च पर मंगवाने पड़े। इससे उन्हें लगभग 3 से 4 हजार रुपए का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

CM हेल्पलाइन में शिकायत भी बेअसर

पीड़ित ने इस समस्या को लेकर CM हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन शिकायत यह कहकर बंद कर दी गई कि यह कार्य नगर परिषद से संबंधित नहीं है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि RO कंपनी को जल प्रदाय का ठेका नगर परिषद द्वारा ही दिया गया है, इसलिए जवाबदेही भी तय होना चाहिए।

लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

केंद्र और राज्य सरकार जहां “नल जल योजना” के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर ठेकेदार कंपनियों की लापरवाही से लोगों को राहत के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द तकनीकी जांच कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

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