मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ
होलिका दहन के बाद लगभग एक सप्ताह तक चलने वाले हिन्दू सनातन धर्म के विभिन्न आयोजनों में अंतिम आयोजन शीतला सप्तमी का आज 10 मार्च को धूमधाम से मनाया गया।
मिली जानकारी अनुसार हिन्दू सनातन धर्म में होलिका दहन के बाद मनाए जाने वाले पर्वों में शीतलता सप्तमी विशेष महत्व रखती है।इस दिन शीतला माता को रात में बनाया गया भोजन यानि कि बासी भोजन जिसे कुछ स्थानों पर वसोडा भी कहा जाता है का भोग लगाया जाता है और इसी बासी भोजन को परिवार सहित ईष्ट मित्रों आदि को भी खाया और खिलाया जाता है,इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता है।आज 10 मार्च को आम्बुआ,बोरझाड सहित ग्रामीण क्षेत्रों से अनेक भक्तों ने रात 12 बजे से शीतला माता मंदिर में आना प्रारंभ किया जोकि दोपहर तक ऐसा ही सिलसिला चलता रहा यह पर्व विशेष कर महिलाओं का रहता है इसलिए महिलाओं की अधिक भीड़ उमड़ी।
