सारंगी में रिसेप्शन की खुशियां मातम में बदलीं, मामेरे की रस्म बनी अंतिम विदाई

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जीवनलाल राठौड़, सारंगी

सारंगी में एक पाटीदार परिवार के यहाँ खुशियों का माहौल पलभर में मातम में बदल गया। अभी हाल ही में बेटे का विवाह संपन्न हुआ था और आज रिसेप्शन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। परिवार व रिश्तेदार पूरे उत्साह से तैयारियों में जुटे थे। मेहमानों का आगमन हो चुका था, भोजन का दौर चल रहा था और माहौल हंसी-खुशी से सराबोर था।

इसी दौरान परंपरा अनुसार मामेरे की रस्म का समय आया। मामेरे पक्ष के लोग बधाई देने के लिए खड़े थे। दूल्हे की मां गायत्री पाटीदार बधाई लेने पहुँचीं। जैसे ही मायके पक्ष से सामना हुआ, स्वर्गीय भाई की याद से वे भावुक हो उठीं और फूट-फूटकर रोने लगीं।

बताया जा रहा है कि उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी और विवाह की व्यस्तता में वे दवा लेना भूल गई थीं। अत्यधिक भावुकता और दवा न लेने के कारण उनका ब्लड प्रेशर अचानक गिर गया और उन्हें हृदयाघात (अटैक) आ गया। आनन-फानन में उपचार का प्रयास किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। जहाँ कुछ ही क्षण पहले तक बधाई और शुभकामनाओं की गूंज थी, वहीं अचानक चीख-पुकार और सन्नाटा छा गया। जो मामेरा अपनी लाड़ली बहन को ओढ़ाने के लिए लाया गया था, वही ओढ़नी उनकी अर्थी पर ओढ़ानी पड़ी। इस हृदयविदारक दृश्य ने पूरे गाँव को स्तब्ध कर दिया। 

पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है। खुशियों का यह अवसर पलभर में दर्दनाक याद बन गया। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।

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