पिटोल से हुआ भगोरिया पर्व का आगाज: मेला क्षेत्र में उमड़ी भीड़, राजनीतिक दलों ने ढोल-मांदल के साथ निकाली गैर
भूपेंद्र नायक, पिटोल
होली पर्व से पहले झाबुआ और अलीराजपुर जिले में लोक संस्कृति के प्रमुख पर्व ‘भगोरिया’ का उल्लास शुरू हो गया है। झाबुआ तहसील का पहला भगोरिया पिटोल में लगा। एक जैसे परिधानों (ड्रेस कोड) में सजे-धजे युवाओं और युवतियों ने मेले का जमकर आनंद लिया। प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार, मेला क्षेत्र में बड़े झूलों को अनुमति नहीं मिली, लेकिन बच्चों के मनोरंजन के लिए छोटी चकरी, झूले और हवा वाले बड़े गुब्बारे लगाए गए। सुबह 10 बजे के बाद से ही मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ने लगी थी। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार भगोरिया मेले का समय सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक तय किया गया था। इसका पालन कराते हुए पुलिस ने शाम 4 बजे से ही झूले बंद करवा दिए और भीड़ को शांतिपूर्ण तरीके से घर लौटने के निर्देश दिए।

राजनीतिक दलों ने गैर निकालकर किया शक्ति प्रदर्शन
पिटोल बस स्टैंड से दोपहर 1 बजे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमचंद डामोर, काना गुंडिया, खुना गुंडीया और पेमा भाबोर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने ढोल-मांदल के साथ गैर निकाली। उन्होंने मेला क्षेत्र में पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की तरफ से जिलाध्यक्ष भानु भूरिया, बहादुर हटीला, पिटोल मंडल अध्यक्ष दिनेश मेवाड़, भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष अतुल चौहान और वरिष्ठ नेता हरु भूरिया के नेतृत्व में होटल मूनलाइट के ग्राउंड से गैर निकाली गई। बड़ी संख्या में ढोल-मांदल के साथ यह गैर पूरे पिटोल नगर का भ्रमण करते हुए मेला मैदान पहुंची। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने भी ढोल-मांदल के साथ मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मेला क्षेत्र में व्यापार रहा जोरदार, नगरीय क्षेत्र में पसरा सूनापन
इस बार पिटोल हाट बाजार से मेला क्षेत्र को अलग रखा गया था। इसके चलते मेला क्षेत्र में तो जमकर व्यापार-व्यवसाय हुआ, लेकिन पिटोल नगर में बाहर से आए सब्जी-भाजी और अन्य व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। मुख्य बाजार में ग्राहकों की कमी के कारण नगरीय क्षेत्र में व्यापार पूरी तरह से सूना नजर आया।
