वीरेंद्र बसेर, घुघरी अचानक बदले मौसम ने घुघरी क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी में डाल दिया है। आसमान में घिरे काले बादलों के बीच हुई बेमौसम तेज बारिश और हवा ने खेतों में खड़ी फसलों को जमीन पर गिरा दिया। जो गेहूं की फसल कुछ दिन बाद कटाई के लिए तैयार थी, वह अब कीचड़ में बिछी पड़ी है। किसानों की साल भर की मेहनत एक झटके में चौपट हो गई। क्षेत्र के कई खेतों में रबी की फसल अपने अंतिम चरण में थी। कई खेतों में फसल काटने की तैयारी पर थी। लेकिन तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने पूरी तस्वीर बदल दी। खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां तेज हवा के दबाव से गिर गईं। किसानों ने बताया कि यदि जल्द धूप नहीं निकली तो अंकुरण और सड़न का खतरा और बढ़ जाएगा। किसान घनश्याम पोरवाल, भारतसिंह राठोर, गोवर्धनलाल पोरवाल,बरमेशचंद्र पोरवल ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में गेहूं की फसल बो रखी थी। लेकिन बेमौसम बारिश और तेज हवा के कारण पूरी खड़ी फसल गिर गई। उन्होंने कहा, “साल भर मेहनत की, खाद-बीज और सिंचाई पर खर्च किया। लेकिन फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि गिरी हुई फसल की कटाई करना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे उत्पादन घट जाता है और दाने की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। मंडी में ऐसे अनाज को उचित दाम नहीं मिल पाता, जिससे आर्थिक मार और बढ़ जाती है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। Post navigation हेल्थ वेलनेस सेंटर घुघरी में कुष्ठ रोगी उपचार एवं जागरूकता शिविर संपन्न हाईस्कूल घुघरी में 10वीं का परीक्षा परिणाम 100% रहा