वीरेंद्र बसेर, घुघरी झाबुआ जिले के घुघरी के समीप गुणावद पंचायत के पिपलीपाड़ा फलिया की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिंदु कुंवर (36) और उनकी 16 वर्षीय बेटी अंतिम रतलाम में 13 दिन पूर्व हुए ई-स्कूटी ब्लास्ट का शिकार हो गई थीं। बिंदु कुंवर मूल रूप से रतलाम की रहने वाली है और क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में पदस्थ थी। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से झुलसी बेटी अंतिम ने मंगलवार सुबह इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, करीब 60 प्रतिशत झुलसी मां बिंदु कुंवर का इलाज अब भी जारी है। स्कूटी में आग लगने से बेटी झुलस गईं थी। जिसकी मौत हो गई। 13 दिन पहले हुआ था हादसा यह हादसा 19 अगस्त की तड़के रतलाम की विंध्यवासिनी कॉलोनी में हुआ था। घर में रखी नई ई-स्कूटी (जिसे 10 दिन पहले ही खरीदा गया था) की बैटरी में अचानक विस्फोट होने से भीषण आग लग गई थी, जिससे घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया था। बिंदु अपनी दोनों बेटियों के साथ रतलाम में रह रही थीं। हादसे में बड़ी बेटी बाल-बाल बच गई थी। 12वीं की छात्रा अंतिम का शव पोस्टमार्टम के बाद रावटी के पास स्थित मां के ननिहाल (तंबोलिया गांव) ले जाया गया है, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। Post navigation स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय समारोह में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी पटेल का सम्मान किया भाभरापाड़ा कुडीपाड़ा आंगनवाड़ी केंद्र में आंगन मिलन समारोह संपन्न