थांदला। कैथोलिक डायसिस झाबुआ के पीटर रुमाल खराड़ी नए बिशप चुने गए। 65 वर्षीय बिशप खराड़ी मूलत थांदला के ग्राम कालदेला के निवासी हैं।

अत्यंत गरीबी में पले बड़े बिशप की पढ़ाई शासकीय उच्चतर विद्यालय परवलिया एवम मिशन हायर सेकेण्डरी स्कूल थांदला तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थांदला के पश्चात मिरशाली अजमेर एवम नागपुर में हुई। आप शुरू से ही अत्यंत साधारण सरल विनम्र जीवन व्यतीत करते हुए लंबे समय से विकार जनरल का कार्य करते हुए वर्तमान में कैथोलिक डायसिस झाबुआ के प्रशासक थे। थांदला चर्च के 125 वर्षों के इतिहास में प्रथम बार थांदला से बिशप चुने गए हैं।

स्थानीय होने के साथ साथ यहां की आदिवासी संस्कृति भाषा रहन सहन सभी धर्मों के प्रति सम्मान आपके जीवन में कूट कूट कर भरा है। थांदला के पल्ली पुरोहित फादर पीटर कटारा ने बताया कि बिशप बासिल भूरिया के निधन के बाद से कैथोलिक डायसिस झाबुआ में बिशप का पद रिक्त था ।एक लंबी प्रक्रिया के बाद हमे एक सुयोग्य स्थानीय बिशप मिला है। थांदला के प्रथम आगमन पर हम आत्मीयता के साथ स्वागत करते है। थांदला पहुंचने पर बिशप खराड़ी का पल्ली परिषद के सचिव राजेंद्र बारिया प्रभु दासी सिस्टर्स तथा मैरिज कॉन्वेंट सिस्टर्स फादर बासिल डामोर जोसेफ माल कैथोलिक डायसिस के मीडिया प्रभारी पीटर बबेरिया माता मारिया समिति युवा संघ कर्मचारियों एवम बड़ी संख्या में समाज जनों ने स्वागत किया ।स्वागत पश्चात नृत्य करते हुए बिशप को कंधे पर बैठाकर चर्च तक पहुंचाने गए। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र बारिया ने किया।

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