झाबुआ डेस्क। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग की जिला टीम ने थांदला व मेघनगर का भ्रमण किया। इस दौरान दौनो ही विकासखंड में जनजातीय क्षेत्र में स्कूल छात्रावास आदि में शिक्षा की स्थति महिला सुरक्षा विशेषकर कन्या छात्रावास व आश्रमों में बालिका की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर आयोग टीम ने क्षेत्रवासियों व स्कूली बच्चों से पालकों से चर्चा भी की।

ज्ञातव्य है कि विगत दिनों थांदला में परवलिया क्षेत्र में होस्टल में तेरह वर्ष की नाबालिग बालिका से वहां आश्रम परिसर में रह अधीक्षिका के पति अश्लील हरकतें की थी।आयोग के संज्ञान में आते ही जिला पुलिस प्रशासन को भी कारवाही के संबंद में बात की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाई अधीक्षिका पति को जैल की हवा खानी पड़ी। अधिक्षिका को भी अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया। मानवाधिकार आयोग टीम ने व क्षेत्रवासियों मामले में गंभीरता के बावजूद सिर्फ जनजातीय विभाग द्वारा अधिक्षक को हटाने पर सवाल उठाए हैं व संभागीय उपायुक्त जनजातीय विभाग कलेक्टर झाबुआ मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय विभाग के सचिव व प्रदेश आयुक्त मामले में ढिलाई बरतने पर एससी पर भी कठोर कार्रवाई व संबंधित शिक्षिका के आरोपी पति होने पर निलंबित की मांग की है। आयोग के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक बलसोरा सहित टीम का कहना है जनजातीय विभाग में लापरवाही छात्रावास में अनियमितता सहित महिला बाल विकास विभाग में पोषण आहार में लापरवाही पर व महिला सुलज्ञा पर पैनी निगाह रखी जाएगी। महिला विंग की संभाग अध्यक्ष मोनिका सिसोदिया तहसील अध्यक्ष शकुंतला राठोर रेखा मावी सिनयल सिटिज़न प्रदेश उपाध्यक्ष एम् एल फुलपगारे सेवा निवृत्त सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग एवं टीम के सदस्य भमण के दोरान उपस्थित रहें।

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