भगोर। शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर सेल्समैन सोहनलाल कत्था की मनमानी से लोग  काफी परेशान हो रहे है। लोगो का आरोप है कि सेल्समैन पात्रता पर्ची के अनुसार अनाज  का वितरण नही करता है और केंद्र और राज्य दोनों की ओर से प्राप्त अनाज को मान्यता अनुसार भुगतान नहीं करता। वहीं नियमानुसार सभी को हर माह का अनाज  मिलना चाहिए परन्तु लोगो को 2 से 3 माह तक का अनाज अप्राप्त है । ग्राम के अनिल मेडा का कहना है कि सेल्समैन नियमित दुकान नही खोलता है और मात्र 2 दिन में अनाज वितरण कर चला जाता है। मुझे खुद ही गत 2 माह अनाज नही दिया गया। मांगने पर कहते है कि तुम जब दुकान खोलते हैं तब क्यों नही आते हो। जबकि  सेल्समैन माह में मात्र दो दिन वो भी खुद की मनमर्जी से दुकान खोलता है और हमे मालूम ही नही हो पाता। ऐसे में कई लोग अनाज प्राप्ति से वंचित रह जाते है । ग्राम के  मुन्ना का कहना है कि जो लोग पलायन पर है  उनका अनाज ये खुद हड़प जाते है।  क्योंकि अनाज तो ग्राम के व्यक्तियों के हिसाब से आता है। फिर वो जाता कहां है। सेल्समैन खुलेआम कालाबाजारी करता है। बेचारे लोग अज्ञानता के अभाव में अनाज प्राप्त नही कर पाते। महिला वसनी ने बताया कि उसके घर मे 10 सदस्य है उसके मान से उन्हें  2 माह का 1 क्विंटल अनाज मिलना था, पर मात्र 40 किलो ही अनाज उन्हें दिया गया। बोलने पर उन्हें घुड़कियां देकर भगा दिया गया  है। बोला कि अभी कम आवंटन है बाद में चावल दिए जावेंगे।

– आरोप अनर्गल है

इस सभी बातों के संदर्भ में जब भगोर सेल्समैन सोहनलाल कत्था से बात की गई तो वे हर मामले की सफाई देते रहे । बोले हम लोगो को बराबर अनाज देते है , दुकान भी खोलते है। लोगो के आरोप अनर्गल है ।

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