आलीराजपुर। रमजान के पवित्र महीने में एक छोटे बच्चे की श्रद्धा ने सबका दिल जीत लिया है। अलीराजपुर के टीचर कॉलोनी निवासी 7 वर्षीय मोहम्मद उमेर मंसूरी ने अपना पहला रोजा रखकर एक मिसाल कायम की है। उमेर के दादा अफजल भाई जैल और पिता नौशाद मंसूरी के अनुसार, बच्चे ने खुद ही रोजा रखने की जिद की। परिवार ने पहले मना किया, क्योंकि गर्मी के मौसम में 14 घंटे तक बिना खाए-पिए रहना आसान नहीं था। रमजान का यह पवित्र महीना मुस्लिम समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान रोजेदार दिन में पांच बार नमाज अदा करते हैं। अलीराजपुर में इस वर्ष रमजान के दौरान विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बड़ों के साथ-साथ छोटे बच्चे भी रोजे रख रहे हैं। उमेर की दृढ़ता ने सिद्ध कर दिया कि श्रद्धा की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने न केवल अपना पहला रोजा सफलतापूर्वक पूरा किया, बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। Post navigation प्रतियोगिता में भाग लेने से हमारा आत्मबल और अधिक मजबूत होता है : कलेक्टर डॉ. बेडेकर चयनित विद्यार्थियों को विशेष भर्ती अभियान के आमंत्रण पत्र वितरित किए