सलमान शेख. पेटलावद
पेटलावद ब्लास्ट की चौथी बरसी पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में लगाए गए 28 पौधो को उखाड़े जाने के मामले में सोमवार को देर शाम नया मोड़ आया। जिसमें ग्रीन पेटलावद संस्था ने पुलिस थाने में पहुंचकर प्राचार्य पीटर रेबेलो के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। जहां निरंतर पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार एवं पर्यावरण प्रेमी प्रयास कर रहे है वहीं प्राचार्य के इस कृत्य पर पूरे नगर में आक्रोश व्याप्त है। सभी प्राचार्य के खिलाप लामबंद हो रहे है। इस कृत्य पर प्राचार्य रेबेलो से लिखित में स्पष्टीकरण एवं जिन भी धाराओ के विरूद्ध कार्रवाई बनती है कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पंचनामा बनाया।
सोशल मीडिया पर उठे विरोध के स्वर-
यह मामला जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया वैसे ही नगर के युवाओ से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओ द्वारा विरोध के स्वर जोरो से उठना शुरू हो गए। एक यूजर ने लिखा हिंदूओ की धार्मिक भावनाओ को ठेस पहुंचाने वाले प्राचार्य पीटर रेबोलो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। एक यूजर ने लिखा ये कृत्य निंदनीय है। ऐसे लोग राजनीतिक संरक्षण के कारण यहां अभी तक टिके हुए है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि माननीय सरजी पेड़ लगा नही सकते तो उनको उखाडऩे का भी किसी को हक नही है। साथ ही एक यूजर ने इस कृत्य की सजा के बारे में लिखते हुए कहा कि क्यो न पौधो को उखाडऩे वाले प्राचार्य पीटर रेबेलो को ऐसी अनोखी सजा दी जाए। पोधो उखाडऩे के एवज में आरोजी जितने है उनके 4 गुना पौधो लगाए। हर तीन महीने मेंं पौधो को जीवित होने का प्रमाण दे, वह भी फोटो सहित। ऐसी कई पोस्ट सोशल मीडिया पर रातभर चलती रही, जिस पर कई कमेंट भी आए। सोशल मीडिया के इस दौर में खासकर युवाओ ने अपना विरोध और गुस्सा जाहिर करने का एक बड़ा प्लेटफार्म बनाया है।

दोबारा लगाये गए पौधे-
हालांकि कल विरोध के बाद आज स्कूल प्रशासन द्वारा उसी जगह पर नए पौधे लगाए गए है। जिससे पर्यावरण प्रेमियों में खुशी की लहर है।
प्राचार्य का जवाब-
इस संबंध में हमने प्राचार्य पीटर रेबेलो से चर्चा की तो उनका कहना है कि जो इंसान खुद पर्यावरण संरक्षण के लिए जगह-जगह पौधारोपण करवा रहा हो, वह भला ऐसा दुष्कृत्य कैसे करेगा। मुझे बदनाम करने की किसी ने साजिश रची है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *