जितेंद्र वर्मा, जोबट

ग्राम उबलड़ के ग्रामीणों ने वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग पर कथित रूप से अवैध अवरोध खड़ा किए जाने का आरोप लगाते हुए एसडीएम जोबट को सामूहिक आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निजी भूमि की घेराबंदी के दौरान सार्वजनिक मार्ग पर जाली एवं कंटीले तार लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे पूरे गांव के लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है।

ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि उक्त मार्ग गांव की विभिन्न फलियाओं एवं बसाहटो के लोगों के लिए मुख्य आवागमन का मार्ग है तीनों बाबा देव आस्था स्थलों, दोनों सार्वजनिक श्मशान घाटों, विद्यालय, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन दुकान), हाट-बाजार तथा कृषि भूमि से जोड़ता है। यह रास्ता वर्षों से ग्रामीणों के उपयोग में रहा है, लेकिन वर्तमान में मार्ग बंद होने से लोगों को लंबा और असुरक्षित वैकल्पिक रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि मार्ग बंद होने से धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। अंतिम संस्कार के दौरान शवयात्रा को खेतों के बीच से निकालना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है। राशन दुकान, हाट-बाजार और कृषि कार्यों के लिए आने-जाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस एवं अन्य राहत वाहन समय पर प्रभावित क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे जनहानि की संभावना बनी रहती है। सार्वजनिक मार्ग पर लगाए गए जाली और कंटीले तार दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं।

ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों एवं मौके के निरीक्षण के आधार पर सार्वजनिक मार्ग का सीमांकन कराया जाए, अवैध अवरोध तत्काल हटाकर मार्ग को पुनः चालू कराया जाए तथा यदि सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए।

आवेदन पर ग्राम उबलद के बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग को कब तक अतिक्रमण मुक्त कराकर आमजन के लिए पुनः खोला जाता है।

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