रितेश गुप्ता, थांदला स्थानीय नृसिंह-ऋषभदेव मन्दिर प्रांगण में स्थित प्राचीन दीपमालिका को नृसिंह भक्त मंडल के तत्वावधान में परम्परागत रूप से इस वर्ष भी प्रतिदिन दीपों से श्रृंगारित किया जा रहा है। बडी संख्या में श्रृद्धालु दिपदान हेतू उपस्थित होकर इस आयोजन में सहभागी बन रहे है। इस अवसर पर दीपों की जगमग ज्योत सभी को आकर्षित कर रही है। नगर में करीब तीन सौ पचास वर्ष से अधिक प्राचीन भक्त मलूकदास द्वारा स्थापित प्राचीन दीपमालिका नृसिंह-ऋषभदेव मन्दिर प्रांगण में स्थित है जिस पर 151 दीपों के स्तंभ स्थापित है प्राचीन वास्तुविधि से निर्मित यह दीपमालिका 151 दीपों से प्रतिवर्ष नवरात्रि व दिपावली के अवसर पर प्रज्वलित की जाती है जिसका सुंदर आकर्षण हर किसी को अपनी और खींचता है। प्राचीन दीपमालिका अंचल की एक मात्र दीपमालिका होकर पुरातात्विक धरोहर के रूप में नगर की पहचान के रूप में जानी जाती है। नृसिंह भक्त मंडल के सह संयोजक सचिन सोनी ने बताया कि इस वर्ष भी कालका माता मन्दिर प्रांगण में 551 कन्याओं का भोज श्रद्धालुओं के सहयोग से सम्पन्न होगा जिसमें नगर के विभिन्न मोहल्लों से बडी संख्या में कन्याओं को कन्या भोज में आमंत्रित किया जा रहा है। परम्परागत रूप से महाअष्टमी के अवसर पर दीपमालिका पर भव्य महाआरती का आयोजन संपन्न होगा जिसमें श्रद्धालुओं सें बड़ी संख्या में सम्मलित होने का आव्हान किया। Post navigation रामलीला मंचन में उमड़ रहा जन भक्तों का जनसैलाब स्कूल में आयोजित गरबा महोत्सव में विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां