इंदौर। संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की अध्यक्षता में आज संभागायुक्त कार्यालय में इंदौर (ग्रामीण) जोन के अंतर्गत ब्लेक स्पॉट्स के विश्लेषण एवं परिशोधन के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभागायुक्त श्री सिंह ने इंदौर (ग्रामीण) अंतर्गत 91 चिन्हित ब्लेक स्पॉट्स के विश्लेषण एवं परिशोधन की प्रगति रिपोर्ट देखी और उसकी समीक्षा की। बैठक में आईजी श्री अनुराग, डीआईजी श्री निमिष कुमार, संयुक्त आयुक्त विकास श्री डी.एस. रणदा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इंदौर के परियोजना निदेशक श्री सुमेश बांझल, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री सी.एस. खरत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

      बैठक में संभागायुक्त श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इंदौर (ग्रामीण) जोन में सभी सड़कें फ्लायओवर, पुल-पुलिया आदि अच्छे बन रहे हैं। इससे सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों सहित नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल रही है। इन सबके बावजूद इंदौर (ग्रामीण) जोन में सड़क हादसे हो रहे हैं। श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वे ऐसी कार्ययोजना बनाएं जिससे ब्लेक स्पॉट्स की संख्या में कमी आएं। कार्ययोजना शार्ट टर्म और लॉग टर्म दोनों प्रकार की हो सकती है। जैसे कहीं पर रोड़ संकेतक, डिवायडर, बेरिकेट आदि भी लगा सकते हैं।

       श्री सिंह ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, प्रशासन आदि विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें और एक निश्चित समयावधि में उसे पूरा करें। इस कार्य को मिशन मोड पर लें और प्राथमिकता के साथ उसे पूरा करें। अधिकारी ब्लेक स्पॉट्स पर जाकर देखें कि वहां पर किस तरह की ट्राफिक इंजीनियर की आवश्यकता है और उसे किस प्रकार दूर किया जा सकता है। सभी अधिकारी ब्लेक स्पॉट्स के परिशोधन की लगातार मॉनीटरिंग करें और उसकी हर माह समीक्षा भी करें। बैठक में श्री सिंह ने धार और खरगोन जिले के ऐसे ब्लेक स्पॉट्स पर सबसे अधिक चिंता व्यक्त की, जहां सड़क हादसे अधिक हो रहे है। गांव की जो रोड़ मुख्य मार्ग से मिलती है या कहीं घुमावदार मार्ग है, ऐसी जगह पर भी हादसे हो रहे है। उस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने विचार और सुझाव रखें।

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