जितेंद्र वाणी@नानपुर

जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत नानपुर के स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 6 माह से कोई स्थाई मेडिकल ऑफिसर नहीं है। इससे ग्रामीण मरीजों फजीहत हो रही है। हालात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र में टीचर आइटिंग करने के लिए भी कोई जिम्मेदार डॉक्टर नहीं हैम सुरेश माली ने बताया कि मुझे अंगूठे में मामूली सी चोट लगने पर जब मैं स्वास्थ्य केंद्र गया तो वहां पर बताया कि इसके लिए आपको आलीराजपुर जाना पड़ेगा, यहाँ कोई भी डॉक्टर नहैं है। अन्य किसी बंगाली डॉक्टर से इलाज करवा लो। ऐसे तो नानपुर स्वास्थ्य केंद्र पर अस्थाई रूप से सीएमएचओ डॉ. प्रकाश ढोके  ने ग्रामीणों में आंदोलन जैसे आह्वान पर अस्थाई रूप से दो डॉक्टरों को नियुक्त किया था। जो मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखा के चले गये है। जो अभी तक नहीं आए। जिसमे  डॉ. मदनसिंह गाड़रिया, सीखा शर्मा ।

लेकिन डेढ़ माह से वह डॉक्टर भी इस स्वास्थ्य केंद्र में  नहीं है। जिससे आए दिन खंडवा बड़ौदा रोड व दुर्घटना होने पर ग्रामीणों की जान जा रही है। अभी तक नानपुर थाने से मिली जानकारी के अनुसार 1 माह में 16 पीएम हुए और 50 के आसपास एमएलसी हुई है। जिसके लिए ग्रामीणों के साथ पुलिस को भी समय नष्ट कर छोटी-छोटी एमएलसी के लिए जिला मुख्यालय पर जवानों को भेजना पड़ता है। नानपुर ग्राम के जनप्रतिनिधियों ने शायद इस गंभीर मुद्दे को लेकर आवाज ना उठाना कई सवालों को जन्म दे रहा है। दो दिवस में यदि कोई डॉक्टर नहीं आये तो नगर बन्द किया जाएगा। 

मामले में सीएमएचओ डॉ. प्रकाश ढोके ने बताया दो स्थाई डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश आ गये है। नानपुर स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं देंगे। कुछ रेसीडेंसी के कारण परेशानी आ रही है, उसे भी दूर कर देंगे।

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