रितेश गुप्ता, थांदला नगर परिषद चुनाव हेतु आरक्षण प्रक्रिया होते ही पूरे नगर के विभिन्न वार्डों से उम्मीदवारों का पोस्टर वॉर शुरू हो गया है, हालांकि अभी ना चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई है ना ही चुनाव की आचार संहिता लगी है। परंतु पार्षद बनने की लालसा और अपनी उम्मीदवारी का शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। आरक्षण प्रक्रिया पूर्ण होते ही सोशल मिडिया पर उम्मीदवारों की बाड़ आ गई, उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी के पोस्टर जारी कर अपने आप को वार्ड के विकास का आईकोन सिद्ध करने में जुट गए। आज की स्थिति में अगर माने तो थांदला के 15 वार्डो से 100 से अधिक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी जता रहे हैं, जिसे देख लग रहा है ,हर घर से नेता अपने आपको वार्ड प्रत्याशी घोषित करने में जुटे हैं और इनमें से अधिकांश ऐसे उम्मीदवार हैं जो अपना टिकट भाजपा से मांगना चाह रहे हैं। ऐसे में भाजपा के लिए धर्म संकट की स्थिति बनना स्वाभाविक होगी, क्योंकि भाजपा के लिए अपने कार्यकर्ताओं को सहेजना कड़ी चुनौती होगी। वही कांग्रेस के दावेदार इन परिस्थितियों में अपने आपको मजबूत मान रहे है , चूंकि प्रत्येक वार्ड में बीजेपी से टिकिट मांगने वालों को सख्या अधिक है एवम टिकिट न मिलने पर असंतुष्ट कार्यकर्ताओ एवम् उनके समर्थकों से फायदा मिलने की संभावनाए बड़ सकती है। इसी बीच कुछ भावी उम्मीदवार पार्टी के कद्दावर नेताओं से मिलकर उनकी पैनल में शामिल किए जाने हेतु अपनी उम्मीदवारी को पार्टी के लिए जीत दिलाने का विश्वास दिला कर अपनी टिकिट तय करने में लगे हुए है। अगली खबर में झाबुआ लाइव प्रत्येक वार्ड के बीजेपी , कांग्रेस एवम निर्दलीय भावी उम्मीदवारों के नाम भी जारी करेगा। Post navigation पिछड़ा वर्ग महिला आरक्षित वार्ड हुआ पिछड़ा वर्ग मुक्त वार्ड ऐतिहासिक आयोजन में बनी सैकड़ों पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं