झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
यही आधार सच्चा है गुरु के रुप में हमें पथ प्रदर्शक मिल गए लेकिन पुरुषार्थ बाकी है अपने पुरुषार्थ से गुरु के बताए रास्ते पर चलकर हम आत्म कल्याण की और बढ़ सकते हैं गुरु स्मृति दिवस मनाने की सार्थकता इसी में है कि हम धर्म मार्ग में आगे बढ़े और पाप की प्रवृतियों को छोड़ो। उक्त प्रेरक उद्गार आचार्य उमेश मुनिजी अणु स्मृति दिवस पर स्थानक भवन में विराजित महासती मनोज्ञाजी ने धर्मसभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जहां होगा गुरुदेव का इशारा उसी दिशा में उठे कदम हमारा इसी भाव को जीवन में अपनाएं। धर्म सभा में बहू मंडल के सदस्यों एवं सिद्धि कटकानी, बालिका मंडल, शुभम सोलंकी, अर्चना पटवा एवं वंदना सोलंकी ने गुरु गुणगान करते हुए स्तवन की प्रस्तुति दी। संघ सचिव जितेंद्र कटकानी ने कहा कि आचार्यश्री का सानिध्य जीवन की दशा और दिशा बदलने वाला था वह ज्ञान दर्शन और चरित्र की पाठशाला थे। संघ अध्यक्ष नरेंद्र कटकानी ने कहा कि गुरुदेव ने जन जन के मन में धर्म की ज्योत को जलाया है स्वाध्याय नीरज मूणत ने कहा कि महापुरुषों के सानिध्य में महापुरुषों का स्मृति दिवस मनाना गौरव की बात है पूर्व संघ अध्यक्ष शांतिलाल चाणोदिया ने कहा कि ऐसे गुरुओं का सहयोग मिलना कठिन है उनके बताए मार्ग पर चलना ही हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए पूर्व संघ सचिव जितेंद्र मेहता ने कहा कि गुरुदेव की शिक्षा को जीवन में उतार कर हमे धर्म की शमा को जलाए रखना। श्रीसंघ के मार्ग दर्शन एवं नवयुवक मंडल के तत्वावधान में तीन दिवसीय अणुस्मृति आराधना दिवस को जप तप त्याग के द्वारा मनाया गया प्रथम दिन नवकार मंत्र के पारिवारिक जाप का आयोजन रखा गया दूसरे दिन अणु का विराट व्यक्तित्व पुस्तक पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया जिसमें 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया। तीसरे दिन सामूहिक एकासन का आयोजन रखा गया जिसमें 527 एकासन हुए सामूहिक एकासन नवयुवक मंडल के संयोजन में उदय गार्डन में हुए जिसमें समग्र जैन समाज एवं आसपास के संघों के सदस्यों की भी सहभागिता थी। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया।

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