सलमान शैख़@ पेटलावद हजरत इमाम जाफर सादिककी याद में मुस्लिम समाज ने कुंडों का त्योहार शनिवार को मनाया। शहर के ईमाम अब्दुल खालिक साहब ने बताया इमाम जाफर 12 इमाम से संबंधित है। हजरत इमाम हुसैन और हजरत हसन हुसैन से भी वे संबंध रखते हैं। रज्जब माह की 22वीं तारीख शनिवार फजर की नमाज केबाद यह त्योहार शुरू हो गया। घरों में लोग खीर, पूड़ी और अन्य पकवान बनाए गए। इसके बाद कुरआन शरीफ की आयते और फातिया घर-घर पढ़ी गई। *घरो-घर दिलाई गई ईमाम जाफर साहब की नियाज-* इस त्योहार में मिट्टी के बर्तन में खाना खिलाते हैं इसलिए इसे कुंडों का त्योहार कहा जाता है। इसके तहत घरों में इमाम जाफर साहब के नाम की नियाज दिलाई गई। त्योहार को लेकर एक दिन पहले समाजजन तैयारी में जुटे रहे। माना जाता है की इस दिन दिल से मांगी गई दुआएं अल्लाह कबूल करते हैं। इस त्योहार के डेढ़ माह बाद पवित्र रमजान माह की शुरुआत होगी। *दिनभर रहा रहा उत्साह-* मुस्लिम बाहुल्य इलाकेमें सुबह से बुजुर्गो सहित बच्चो में त्यौहार को लेकर खासा उत्साह देखा गया। यह सिलसिला दिनभर घर-घर चला। दिनभर बड़े-बुजुर्ग घरो-घर कुंडे खाने के लिए आते-जाते देखे गए। कुंडो के त्योहार केमद्देनजर बच्चे भी पीछे नही रहे। बच्चे भी अपने-अपने बनाए ग्रुप केसाथ हर घर में कुंडे खाने के लिए पहुंचे। इसके बाद लोगो ने अपने रिश्तेदारो को आमंत्रित कर उन्हें पकवान खिलाए। *महिलाओं ने की अलसुबह से तैयारियां-* कुंडे केत्योहार को लेकर एक दिन पहले से तैयारियां चल रही थी। महिलाओं ने अलसुबह उठकर कुंडे के त्योहार की तैयारियां की। किसी ने खीर-पूड़ी तो किसी ने मिठाई, गुलाब जामुन सहित कई व्यंजन अपनी मन्नतानुसार बनाए। Post navigation रोजाना यहां आकर बेच रहे थे ताड़ी, पेटलावद पुलिस ने दबीश देकर की कार्रवाई E’XCLUSIVE: गेहूं बेचने में किसानो की रूचि नही, नहीं हो रहा गेहूं खरीद केंद्रों में तौल..