आलीराजपुर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित “स्कूल चले अभियान” के तहत पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर राजेश व्यास ने आज बोरकुआ हाई स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने न केवल बच्चों से चर्चा की, बल्कि उनके सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को भी शांत किया।

छात्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया-पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जब उन्होंने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया, तो बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। बच्चों ने खुलकर अपने विचार रखे और पुलिस अधीक्षक से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। पुलिस अधीक्षक ने उनकी जिज्ञासाओं का सहज एवं संतोषजनक समाधान किया, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन मिला।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए तीन महत्वपूर्ण सुझाव-संवाद के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए तीन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देने की सलाह दी:

  1. अच्छे से पढ़ाई करें – शिक्षा सफलता की कुंजी है। अनुशासन और समर्पण के साथ पढ़ाई करने से हर विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

  2. खेल-कूद गतिविधियों में भाग लें – खेल न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि वे टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं।

  3. अतिरिक्त कौशल विकसित करें – विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रुचि के अनुसार किसी अतिरिक्त कौशल (जैसे संगीत, कला, तकनीकी ज्ञान, लेखन, या खेल) पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि वे भविष्य में अधिक सक्षम बन सकें।

साइबर अपराध और यातायात नियमों पर जागरूकता-इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और साइबर सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इंटरनेट का सही उपयोग कैसे करें और ऑनलाइन धोखाधड़ी से कैसे बचें।

साथ ही, यातायात नियमों के महत्व पर भी चर्चा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की सलाह दी।

खेलकूद के लिए बैडमिंटन की सुविधा देने का आश्वासन-विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए, अलीराजपुर पुलिस की ओर से बोरकुआ स्कूल को बैडमिंटन खेल की सुविधा और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।

पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास द्वारा बोरकुआ स्‍कूल के शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा और उनके मानसिक विकास को बेहतर बनाने के संबंध में भी चर्चा कर सुझाव दिये। 

  1. खुलकर संवाद: शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों से नियमित रूप से बातचीत करें और उनकी रुचियों को समझने की कोशिश करें।

  2. परिजनों से चर्चा: बच्चों की पढ़ाई और व्यवहार को लेकर उनके माता-पिता से समय-समय पर चर्चा करें।

  3. प्रायोगिक शिक्षा: बच्चों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए, वास्तविक जीवन के उदाहरण देकर पढ़ाने की कोशिश करें।

  4. व्यावहारिक दृष्टिकोण: आसपास की जीवंत चीजों को पढ़ाई से जोड़कर समझाने से बच्चे जल्दी और प्रभावी रूप से सीख सकते हैं।

पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्‍यास ने बताया कि बच्‍चों के इस संवाद के माध्यम से अलीराजपुर पुलिस का यह संदेश है, कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास में सहयोग करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। स्‍कूल चले अभियान के इस कार्यक्रम के दौरान बोरकुआ हाईस्‍कूल के शिक्षक/शिक्षिका के अतिरिक्‍त उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा श्री बी0एल0 अटौदे एवं थाना प्रभारी अलीराजपुर सोनू सितोले भी उपस्थित रहे।

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