झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
बसंत पंचमी के पावन पर्व पर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न स्कूली संस्थाओं में मां सरस्वती की पूजा अर्चना का विशेष आयोजन रखा गया जिसमें विशेष रूप से ग्राम रायपुरिया की कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना कर इस बसंत पंचमी को यादगार बनाया गया। संस्था प्राचार्य एसके वाष्र्णेय ने स्टाफ व बच्चों की उपस्थिति में विधि विधान से पूजा अर्चना कर मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई। मुख्य द्वार के समीप मंदिर बना कर मां सरस्वती की स्थापना की गई जिसका उद्देश्य बच्चों में विद्या का प्रचार प्रसार हो तथा विद्या की देवी मां सरस्वती के प्रति आदर बना रहे। पूजन विधि पंडित हेमंत शुक्ला ने संपन्न करवाई। इस मौके पर शिक्षक नरेश नारायण शुक्ला, कल्पना वर्मा, मुकेश पाटीदार, संजय भावसार, संतोष मूथा, विजय राम लोधी, कृष्णपाल सिंह चंद्रावत आदि उपस्थित थे। इसी प्रकार नगर के रामजी मंदिर पर भगवान राम-जानकी का आकर्षक श्रंगार कर दिनभर भक्तों ने दर्शन लाभ लिया। बसंत पंचमी होने से पूजा अर्चना का क्रम दिन भर चलता रहा। इसके साथ ही नगर की विभिन्न संस्थाओं में मां सरस्वती पूजन का आयोजन रखा गया।स्कूली संस्थाओं में मां सरस्वती का पूजन कर बसंत पंचमी उत्सव मनाया
झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
बसंत पंचमी के पावन पर्व पर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न स्कूली संस्थाओं में मां सरस्वती की पूजा अर्चना का विशेष आयोजन रखा गया जिसमें विशेष रूप से ग्राम रायपुरिया की कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना कर इस बसंत पंचमी को यादगार बनाया गया। संस्था प्राचार्य एसके वाष्र्णेय ने स्टाफ व बच्चों की उपस्थिति में विधि विधान से पूजा अर्चना कर मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई। मुख्य द्वार के समीप मंदिर बना कर मां सरस्वती की स्थापना की गई जिसका उद्देश्य बच्चों में विद्या का प्रचार प्रसार हो तथा विद्या की देवी मां सरस्वती के प्रति आदर बना रहे। पूजन विधि पंडित हेमंत शुक्ला ने संपन्न करवाई। इस मौके पर शिक्षक नरेश नारायण शुक्ला, कल्पना वर्मा, मुकेश पाटीदार, संजय भावसार, संतोष मूथा, विजय राम लोधी, कृष्णपाल सिंह चंद्रावत आदि उपस्थित थे। इसी प्रकार नगर के रामजी मंदिर पर भगवान राम-जानकी का आकर्षक श्रंगार कर दिनभर भक्तों ने दर्शन लाभ लिया। बसंत पंचमी होने से पूजा अर्चना का क्रम दिन भर चलता रहा। इसके साथ ही नगर की विभिन्न संस्थाओं में मां सरस्वती पूजन का आयोजन रखा गया।

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