झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- एक तरफ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान प्रदेश को 24 घंटे बिजली देने का दावा करते है वही झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील से मात्र 12 किमी दूर के कचराखदान गांव के 2 फलियो में आज भी बिजली नही पहुंच पाई। इन फलियो में रहने वाले बच्चे कालेज भी जाते है जो सरकार की इस उपेक्षा से त्रस्त है। पढ़े लिखे नौजवान अब इस बात पर अड़ गये है कि यदि अब उनकी समस्याओं का निदान नही होता है तो वे आगामी चुनावों में किसी भी दलों का समर्थन नही करेंगे। चिमनी के उजाले के भरोसे- गांव के नवापाड़ा फलिया में 70 परिवार रहते है साथ ही सिंगाड फलिया में 20 और निनामा फलिया में 20 परिवार आज भी बिजली आने का रास्ता देख रहे है। परीक्षा के समय मे विद्यार्थी चिमनी के उजाले में पडऩे के लिए मजबूर है। अभावो में रहकर भी इन फलियो के युवा शिक्षा प्राप्त करने के लिये शहर के कॉलेज स्कूल भी जा रहे है। ग्राम वालो को प्रेरित करेंगे ग्राम के शिक्षित मुकेश गुंडिया ने बताया कि आजादी के बाद से ही उनके फलिये की सुध नही ली जा रही है। नेताओ ओर अधिकारी को जानकारी होने के बाद भी समस्या का समाधान न होना यह बता रहा है कि वे हमारे प्रति कितने गंभीर है। अब हम सभी पढ़े लिखे युवाओ यह संकल्प ले रहे है कि आगामी चुनावों में इन फलियो के निवासी किसी भी दलों को समर्थन नहीं करेंगे। Post navigation काम की तलाश में जिले के श्रमिकों का पलायन शुरू, गांव के गांव हुए खाली जिलेभर में बिजली कटौती-पीने के पानी किल्लत को लेकर कांग्रेस का धरना प्रदर्शन 23 मार्च को