पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- संत गलाराम महाराज चेनपुरा (बेकल्दा) का शनिवार को असामयिक निधन हो गया। महाराज का जन्म 1 जनवरी 1903में हुआ था और वे 115 वर्ष में निधन होने पर उनके हजारों शिष्य मौजूद रहे। उन्होंने 30 वर्ष की आयु से भक्ति मार्ग अपनाया और ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी सुधार कार्य के लिए जाने जाते रहेंगे। उन्होंने समाज में शराब, नशामुक्ति जीव हत्या, मांस का सेवन नहीं करने का हजारों भक्तों को सकंल्प दिलाया। और समाज के लोगों को प्रेम, भाईचारा का रास्ता बताया। उनके निधन पर संपूर्ण क्षेत्र में मायूसी छा गई। Post navigation पेटलावद जिले की सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीट ; कांग्रेस में उभरे इतने दावेदार ; बदलाव लाने के लिऐ चाहते है टिकट समाज सुधारक संत गलारामजी महाराज का 115 वर्ष की आयु में हुआ, अंचल हुआ गमगीन, डोल निकाल दी समाधि