राहुल राठौड़, जामली 12 फरवरी से 18 फरवरी तक श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ गांव जामली में भव्य कलश यात्रा के साथ स्वर्गीय मांगीलाल पाटीदार की स्मृति में उनके पुत्र कान्तिलाल पाटीदार के घर से कलश यात्रा प्रारंभ हुई। कान्तिलाल पाटीदार के सिर पर श्रीमद् भागवत कथा लिए हुए चल रहे थे उनके आगे आगे ढोल नगाड़े एक बग्गी में भगवान कृष्ण की तस्वीर लिए हुए चल रही थी सभी श्रद्धालु भगवान कृष्ण के जय कारों के जय घोष चल रहे थे करीबन 500 से 600 महिलाएं कन्याएं अपने सिर पर कलश लिए हुए चल रही थी गांव के मुख्य मार्गो से होती हुई कथा स्थल पर पहुंची नाचते गाते हुए 12 बजे से शुरू हुई कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंचने में 2 घंटे लगे वहां पर मालवा माटी व शेरे आर्यभूमि मां सरस्वती के वरद पुत्र पंडित कमलकिशोरजी नागर ने भागवत कथा का मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेव के साथ शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बच्चा स्कूल में परीक्षा देता है उसके बाद उसका रिजल्ट आता है और उसे कहा जाता है कि तू पास हो गया तो वहां फूला नहीं समाता। उसी तरह भगवान की भक्ति करने में पास हो जाए तो भगवान भी प्रफुल्लित हो जाते हैं, जैसे कि ठंड के समय में आग के पास खड़े रहने से ठंड भाग जाती है। उसी तरह भक्ति करने से पाप खत्म हो जाता है प्रथम दिन ही पांडाल खचाखच भर गया था ,व्यवस्था करने में समिति के सदस्य काफी सक्रिय दिखाई दे रहे थे सभी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। गांव में जगह जगह पर स्वागत द्वार लगाए गए थे श्रद्धालुओं का आना जाना बना हुआ था पुलिस प्रशासन भी व्यवस्था में लगा हुआ दिखाई दिया। ) Post navigation मां सरस्वती के वरद पुत्र कमल किशोर जी नागर का हुआ मंगल प्रवेश महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती के मुखारबिंद से सात दिवसीय भागवत कथा 14 फरवरी से शुरू