झाबुआ लाइव डेस्क  ॥ गोपालम सट्टा मामले में आज झाबुआ कोतवाली पुलिस ने एक स्टांप वेंडर उत्कृष॔ कोठारी को गिरफ्तार करते हुऐ भाजपा जिला अध्यक्ष शैलेष दुबे पर शिकजा कस दिया है स्टांप वेंडर पर आरोप है कि गोपालम मे छापे के बाद उसने भाजपा जिला अध्यक्ष शैलेष दुबे को वह विवादास्पद 20 रुपये का स्टांप उपलब्ध करवाया था जिसके आधार पर भाजपा जिला अध्यक्ष ने यह दावा किया था कि गोपालम नामक भवन उन्होंने चेतन नामक शख्स को किराये पर दिया था । पुलिस ने कोठारी को पूरे मामले मे सह अभियुक्त बनाते हुऐ उसके खिलाफ भी आयपीसी की धारा 120, 420, 193, 314 की धाराये लगाते हुए आपराधिक घटनाक्रम ओर षडयत्र रखने का आरोपी बना दिया है ।

इसलिए बना कोठारी आरोपी

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आखिर एक स्टांप वेंडर को आरोपी क्यो बनाया गया ? झाबुआ लाइव को इसका जवाब देते हुऐ जांच अधिकारी एसडी सिंह (उप निरीक्षक) ने बताया कि जब कोठारी के दस्तावेजो की जांच की गई थी तो यह तथ्य सामने आये –

1)-स्टांप किराया चिठ्ठी के लिऐ 20 रुपये का इश्यू था    जबकि नियमानुसार 100 रु के स्टाप पर किराया चिठ्ठी तैयार होती है ।

2)-शैलेष दुबे को 26 फरवरी को यह 20 रु का स्टांप जारी करना बताया गया जबकि जारी स्टांप के एक दिन पहले ओर बाद के स्टांप 25 ओर 27 मार्च को आवंटित थे फिर बीच का स्टांप 26 फरवरी मे कैसे ?

3)-पूरे पन्ने मे काली स्याही के पैन से लिखा गया है लेकिन सिर्फ उसी स्टांप पर नीले रंग के पैन से लिखा गया है ।

एसडी सिंह के अनुसार यह आधार आपराधिक षडयत्र साबित करना के लिऐ काफी है ओर इसी आधार पर कोठारी गिरफ्तार किया गया है ।

अब आगे क्या होगा ?

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गोपालम सट्टा मामले में स्टांप वेंडर की गिरफ्तारी के कई मायने है दरअसल प्रदेश भाजपा ने इसी स्टांप के आधार पर शैलेष दुबे को पाक साफ घोषित किया था लेकिन अब पुलिस ने प्रदेश भाजपा को चुप रहने को मजबूर कर दिया है दुसरा अभी तक शैलेष दुबे खिलाफ पुलिस के पास सीधा सबुत नही था लेकिन कोठारी की गिरफ्तारी ने अब दुबे को आपराधिक षडयत्र मे शामिल होने के सबुत दे दिये है मतलब साफ है शैलेष दुबे कि जल्दी गिरफ्तारी हो सकती है हालाँकि दुबे के पास अग्रिम जमानत ओर 482 मे जाने के विकल्प खुले है लेकिन न्यायालय के रुख पर राहत निर्भर करती है ।

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