सारंगी से जीवन लाल राठौड़ घर परिवार की सुख समृद्धि के लिए महिलाओं ने दशा माता का व्रत धारण कर पीपल के पेड़ की पूजा की। पांच झाड़ू की भी पूजा की क्योंकि झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास रहता है। नए वस्त्र व आभूषण धारण कर हाथों में थाली सजाए हुए दशा माता के पूजन करने के लिए पहुंची। अपने घर एवं परिवार की दशा सुधारने एव सुख समृद्धि पाने के लिए लिए दशा माता की पूजा करने में जुटी महिलाएं द्वारा शुभ मुहूर्त में पूजा अर्चना की। नगर में में रतलाम रोड हनुमान मंदिर प्रांगण में पंडित मयूर जोशी ने पूजा संपन्न करवाई। पीपल के वृक्ष पर महिलाएं कच्चे सूत का धागा लपेट कर व पीले व लाल वस्त्र चढ़ाती है और पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगाती है। कंकू हल्दी व अन्य पूजन सामग्री चढ़ाकर अपने घर परिवार में सुख समृद्धि की कामना करती है। सुबह से पूजा का दौर शुरू हो गया। नव दंपति यह व्रत धारण करती है। पंडित मयूर जोशी द्वारा दशा माता की कथा सुनाई गई। महिलाएं उपवास रखकर अपने गले में सुत का धागा ग्रहण कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। पूजा करने के बाद खुले मैदान में मिट्टी से छोटा सा खेत बनाकर गेहू, मक्का बोती है और आने वाली फसल अच्छी हो ऐसी प्रार्थना करती है। साथ ही अपने घर के मुख्य दरवाजे पर हल्दी कुमकुम से अपने हाथों से छापे लगाती है जो शुभ माने जाते है। Post navigation विश्वास के साथ चूल में तेज अंगारों पर नंगे पैर चले मां के भक्त श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठे श्रद्धालु