गोपाल राठोड़, कट्ठीवाड़ा

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलीराजपुर की अध्यक्षता में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कट्ठीवाडा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जय पाटीदार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती शक्ति रावत जिला विधिक सहायता अधिकारी, राजेश राठौर चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा सहभागिता की गई।

विधिक साक्षरता शिविर में जय पाटीदार ने विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है, शिक्षा के बिना कोई भी देश समुचित विकास नहीं कर सकता। इसके अलावा, देशों के बीच शांति और सद्भाव को बढावा देने, देश के भीतर सामाजिक न्याय को बढावा देने, प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण को प्रोत्साहित करने, समृद्ध सांस्कृतिक जीवन को बनाए रखने और राष्ट्र में आर्थिक विकास को बढावा देने आदि के लिए शिक्षा आवश्यक है। भारतीय संसद द्वारा पारित शिक्षा का अधिकार अधिनियम बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है। इस अधिनियम के तहत 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चे निःशुल्क शिक्षा के हकदार है।

जिला विधिक सहायता अधिकारी शक्ति रावत के द्वारा बाल विवाह के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी लडकी या लडके की शादी 18 वर्ष की उम्र से पहले होना बाल विवाह कहलाता है, यह सदियों से एक सामाजिक बुराई रही है। भारत के बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के लिए एक लडकी की आयु 18 वर्ष और लडके की आयु 21 वर्ष की होनी चाहिए। पिछले कुछ सालों में बाल विवाह के खिलाफ कई आंदोलन हुए है, लेकिन देश के कई हिस्सों में यह अभी भी प्रचलित है। इसके मुख्य कारण गरीबी, दहेज, शिक्षा का अभाव, पारंपरिक मान्यताएं आदि है, इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने के लिए कानूनों के बारे में बेहतर जागरूकता और गरीबी व शिक्षा जैसे मूल कारणों को लक्षित करने वाली पहल की आवश्यकता है।
इसके साथ ही राजेश राठौर द्वारा साइबर क्राइम, यातायात नियम और निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह योजना की जानकारी दी गई। शिविर में विद्यालय प्राचार्य, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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