नवनीत त्रिवेदी, झाबुआ झाबुआ शहर ही नहीं अपितु जिला भी पिछले कुछ वर्षों में अवैध नशे की जद में लगातार जाता जा रहा है, समीपस्थ सीमावर्ती राज्य गुजरात के दाहोद से अवैध नशीले एवं मादक पदार्थो की सप्लाई रोजाना शहर में हो रही है एवं शहर से पूरे जिले में यह नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं, पिछले कुछ वर्षों की बात करें तो शहर के कई युवा इस नशे की चपेट में आकर अपनी जान गवा चुके हैं , आपराधिक गतिविधियों में संलग्न भी हुए हैं, नशा ना मिलने पर चोरी करना, मारपीट कर पैसे छीनना एवं दुकानों के ताले तोड़ने जैसी घटनाएं लगातार इन नशे में चूर युवाओं द्वारा की जाती रही है। कल शाम शहर के बुनियादी स्कूल परिसर में एक युवक की लाश पाई गई जिसका नाम अर्जुन मेड़ा बताया जा रहा है, अर्जुन शहर के ही अयोध्या बस्ती का निवासी था पिछले कुछ समय से अर्जुन नशे के ऐसे दलदल में फंस गया था जिसमें से बाहर आना उसके लिए असंभव था, नशे की हालत में अर्जुन ने कई बार ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया, कई बार जेल भी गया मगर इस नशे के दलदल से बाहर ना पाया और कल इसी नशे के ओवरडोज़ से अर्जुन काल के गाल में समा गया। आखिर पुलिस – प्रशासन कब होगा सख्त..?? शहर में अवैध मादक पदार्थों का मिलना पानी की बोतल मिलने से ज्यादा आसान है, कही चौराहा पर तो शहर के बाहरी छोर पर यह नशे का कारोबार करने वाले आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, पुलिस भी इन कारोबारियों से भलीभांति वाकिफ है.. अगर चाहे तो 48 घंटे में शहर को नशे से मुक्त किया जा सकता है..मगर शायद पुलिस को इंतजार है कि इन नशेड़ीयों द्वारा कोई बहुत बड़ी घटना को अंजाम दिया जाए, फिर ही सख्त कदम उठायेगी.. अंदर खाने की चर्चा यह भी है कि कुछेक निचले स्तर के कर्मचारियों का इन्हें संरक्षण है जिनकी शह पर ये नशे के कारोबारी सीना ठोक कर नशे का कारोबार करते हैं, क्योंकि कार्यवाही से पहले ही इन्हें सूचना पहुंच जाती है। अगर पुलिस अपनी पूरी सख्ती के साथ इन पर नजर रखें तो हो सकता है कि अब तक नशे के कारण शहर में जैसी घटनाएं घटित हुई है, कई घरों में अपने चिराग खोए हैं ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति फिर से ना हो..!! शहर के कई मेडिकल स्टोर से भी रोजाना ये नशे के कारोबारी दर्जनों सिरिंज एवं इंजेक्शन का क्रय करते हैं.. एवं नोजवान युवाओं को नशीले पदार्थ के साथ देते है, कल हुई अर्जुन की मृत्यु का कारण भी इंजेक्शन का ओवरडोज़ बताया जा रहा है, अगर इस पर भी ध्यान दिया जाए तो इन तक पहुंचा जा सकता है। इन स्थानों पर रोज जमता है नशेड़ियों का अड्डा शहर से लगे ग्राम बाड़कुआँ स्थित पुलिया, नेहरू मार्ग के समीप बाल मंदिर स्कूल का प्रांगण, ग्रीन गोल्ड कॉलोनी, कृषि उपज मंडी परिसर, बुनियादी स्कूल प्रांगण, उत्कृष्ट विद्यालय का खेल मैदान, बिलिडोज स्थित खेल मैदान एवं नगरपालिका परिसर के आसपास इन नशेड़ियों का हुजूम रोज शाम ढ़लते ही उमड़ता है, घेराबंदी कर इन्हें अगर गिरफ्त में लिया जाए तो शायद झाबुआ उड़ता झाबुआ होने से बच पायेगा। Post navigation देश ही नहीं अपितु विश्व की सबसे बड़ी पार्टी कहलाने का माजरा रखने वाली भाजपा को यहां पर नहीं मिला भाजपा समर्थित जनपद सदस्य उम्मीदवार सुपर शतरंज में गौरव को मिला विजेता का खिताब