रितेश गुप्ता, थांदला स्थानीय हनुमान अष्ट मंदिर, भक्त मलूक दास की बावड़ी मंदिर प्रांगण में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय रामचंद्र प्रजापत की स्मृति में धर्मपत्नी पन्नी बाई प्रजापत एवं सुपुत्र समरथ गुरु प्रजापत महाराज के मुख्य यजमान में तलवाड़ा, राजस्थान के गौ भक्त सुप्रसिद्ध भागवत मर्मज्ञ संत श्री रघुवीर दास जी महाराज के मुखारविंद से प्रारंभ हुई। इसके पूर्व श्रीमद्भगवद्गीता की विशाल पोथी यात्रा ढोल ताशे तथा बैंड बाजे पर भक्तिमय गीतों की सुमधुर , धुन के साथ स्थानी तेजाजी मंदिर से प्रारंभ हुई। पोथी यात्रा में अश्व पर धर्म ध्वजा लिए धर्म रक्षक अरुण थे। वहीं बड़ी संख्या में महिलाएं अपने सिर पर कलश धारण किए चल रही थी। यजमान परिवार द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता एवं तुलसी महारानी भगवान शालिग्राम जी को अपने सर पर धारण किए चल रहे थे तो वही बग्गी में भगवान श्री खाटू श्याम जी के शीश एवं अंचल के साधु संत सुखराम दास जी महाराज। चिंतामणि जी महाराज, रामपुरिया रामदास जी महाराज। हनुमान जी मंदिर के महाराज, दिव्यानंदजी भारती जी , बंसीदास जी महाराज सूरत , जानकी दास जी महाराज, सूरत विराजमान थे। शोभायात्रा से संपूर्ण नगर धर्ममय हो गया। शोभा यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। प्रथम दिवस की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रोता गण उपस्थित हुए तत्पश्चात महा आरती एवं विशाल भंडारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर न्यास के अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, तुलसीराम मेहत मेहता। अक्षय भट्ट,बंटी डामोर,पंडित कैलाश आचार्य ,पंकज चौहान, सचिन सोनी पंचाल, नानूराम प्रजापत, दिलीप पंचाल भूषण भट्ट, एडवोकेट श्रीमंत अरोड़ा , विपिन नागर,बम बम बैरागी सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के संत महात्मा एवं सामाजिक धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे। ) Post navigation जांबाज शहीद सैनिकों को मीडिया कर्मियों ने श्रद्धांजलि गांव, बस्ती या घर परिवार संत का आगमन तभी होता है जब वहां पर सत्य होता है सत्य ही सनातन है और सनातन में श्रद्धा है : संत रघुवीरदास