मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क्षेत्र में इस वर्ष मानसून विलंब से आने के कारण खरिब की फसलों की बुआई में भी देरी होने से खेतों में बीज अंकुरित नहीं हुए जिस कारण कई किसानो को पुनः बुआई करना पड़ी जिससे किसानो को खाद बीज का नुक़सान उठाना पड़ा है इधर वर्षा की खेंच के कारण फसलों की वृद्धि भी नहीं हो रही है। हमारे संवाददाता से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में मानसून विलंब से आने के कारण खेतों में बीज की बुआई में देरी होने तथा बाद में बारिश थम जाने के कारण बीज अंकुरित नहीं हुए जिस कारण पुनः बुवाई करना पड़ी बीज अंकुरित भी हो गऐ मगर पुनः वर्षा की खेंच के कारण फसलों में वृद्धि नहीं हो पा रही है जिसे देखकर किसानो को चिंता हो रही है तथा वे अच्छी वारिश की प्रार्थना कर रहे हैं। कृषक राजेंद्रसिंह राठौर बोरझाड ने बताया कि अपर्याप्त वर्षा के कारण खेतों में बोया गया सोयाबीन नहीं उगा जिस कारण पुनः बुवाई करना पड़ी। एक अन्य कृषक कमलसिंह कनेश निवासी भोरदू ने बताया कि इस बार अभी तक जितनी बारिश हुई है। उससे फसलों का भविष्य ठीक दिखाई नहीं दे रहा है। Post navigation राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 56 दुर्दशा का शिकार अजगर ने मुर्गी पकड़ी, ग्रामीणों ने अजगर को पकड़ कर जंगल में छोड़ा