थांदला। अखिल भारतीय श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन की साधारण सभा का आयोजन पेटलावद नगर के खुशबू गार्डन में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ पेटलावद के तत्वावधान में आयोजित की गई। सभा का प्रारंभ नवकार महामंत्र की सामूहिक स्तुति से हुआ। मंच पर अखिल भारतीय श्री धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भंसाली, राष्ट्रीय महामंत्री शैलेश पीपाड़ा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकेंद्र बनवट, अखिल भारतीय श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज मूणत, राष्ट्रीय महामंत्री सुमित चौपड़ा व पेटलावद श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र मोदी मंचासीन थे। पेटलावद नवयुवक मंडल के पूर्व अध्यक्ष पदम मेहता ने स्वागत भाषण दिया। पेटलावद में आयोजित संगठन की राष्ट्रीय साधारण सभा में थांदला एवं क्षेत्र के श्रीसंघों के युवा वर्ग भी पहुंचे। 

हर्ष हर्ष के जयकारे से गुंजायमान हो गया समूचा सभा हॉल

जैन युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज मूणत का कार्यकाल पूर्ण होने पर संगठन के नवीन अध्यक्ष का चयन किया गया। इसमें सर्वानुमति से गुजरात प्रांत के लीमखेड़ा निवासी श्री चिराग जी नाहर को युवा संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया। अध्यक्ष के नाम की घोषणा गण परिषद के अध्यक्ष भरत भंसाली ने की। घोषणा होते ही हर्ष हर्ष के जयकारे से समूचा सभा हॉल गुंजायमान हो गया। उल्लेखनीय है कि चिराग नाहर पूज्य श्री चंद्रेशमुनिजी म. सा. के सांसारिक पुत्र है एवं युवा संगठन सहित विभिन्न संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं वर्षीतप जैसी कठोर तप आराधना के अलावा विभिन्न तपस्या भी कर चुके हैं।

युवा वर्ग आधुनिकता की हवा में न बहे

इस अवसर पर गण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भंसाली ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जैन समाज के सैकड़ों युवा सांसारिक जीवन को छोड़कर दीक्षा ग्रहण करके अपने चरित्र का निर्माण कर रहे हैं। जो समाज के लिए गौरव की बात होकर अनुमोदनीय है। युवा वर्ग को आधुनिकता की हवा में न बहते हुए अपने चारित्रिक निर्माण ग्राफ के स्तर को गिरने नहीं देना है। युवा संगठन का उत्तरदायित्व है कि वह व्यसन मुक्त युवा समाज की स्थापना करने में अहम भूमिका निभाए। उन्होंने “व्यसन मुक्त अभियान” चलाने की विशेष प्रेरणा भी दी। गण परिषद की ओर से भरत भंसाली ने संगठन के नव मनोनीत अध्यक्ष चिराग नाहर को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सजगता के साथ संगठन का कार्य करने का मंच के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। 

कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए आभार माना

निवृतमान हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज मूणत ने आचार्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के जीवन पर आधारित एक सुंदर भजन प्रस्तुत किया व अपने अध्यक्ष कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए समस्त श्री संघो, वरिष्ठजनों व युवाओं आदि का हृदय से आभार माना तथा कार्यकाल के दौरान हुई किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए क्षमायाचना भी की। समारोह में गण परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकेंद्र बनवट आदि ने भी अपने विचार रखे। 

युवा वर्ग समाज की ताकत है

नव मनोनीत अध्यक्ष चिराग नाहर ने अपने मनोनयन के पश्चात उद्बोधन में कहा कि पद एक व्यवस्था है और सभी के सहयोग से ही आगे बढ़ा जा सकता है। इसी के अंतर्गत हम सब को मिलकर संगठन को ऊंचाई पर ले जाना है। युवा वर्ग  समाज की ताकत है। युवाओं को पूरी ताकत के साथ संगठन के कार्यों में जुट जाना है। नव मनोनीत अध्यक्ष चिराग भाई ने अपने तीन वर्षीय कार्यकाल के दौरान किए जाने वाले विशेष कार्य योजनाओं की जानकारी सभा के समक्ष रखी। संगठन के कोषाध्यक्ष वर्षीतप आराधक संयोग संघवी बदनावर ने आय व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया। 

विभिन्न श्रीसंघों से युवा वर्ग थे उपस्थित

इस अवसर पर पेटलावद के अलावा लिमड़ी, संजेली, लीमखेड़ा, रतलाम, बामनिया, बदनावर, बखतगढ़, थांदला, इंदौर, नागदा धार, बाजना, खिरकिया आदि विभिन्न स्थानों के नवयुवकों के अलावा अखिल भारतीय श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण विनायक्‍या, धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद धोका, राष्ट्रीय सह मंत्री द्वय रूपेश बुरड़, सोहनलाल रूनवाल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमृतलाल कोठारी, थांदला श्री संघ के सचिव प्रदीप गादिया, श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ रतलाम के महामंत्री विनय लोढा, लिमड़ी श्रीसंघ के सचिव बाबुभाई कर्नावट, पूज्य श्री धर्मदास जैन स्वाधयाय संघ के वीरेंद्र मेहता आदि पदाधिकारी व सदस्यगणों के अलावा पेटलावद श्री संघ के पदाधिकारी गण एवं नवयुवक मंडल के पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित थे। संचालन युवा संगठन के रोहित कटकानी ने किया। आभार महामंत्री सुमित  चौपड़ा ने माना। आतिथ्य सत्कार का लाभ श्री संघ पेटलावद ने लिया।

दर्शन, वंदन, व्याख्यान आदि का लाभ लिया

साधारण सभा के पूर्व पेटलावद में विराजित प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म . सा . के आज्ञानुवर्ती तत्‍वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म. सा. व मुनिमंडल तथा साध्वी मधुबालाजी, प्रेमलताजी, संयमप्रभाजी व साध्वी मंडल के दर्शन वंदन मांगलिक आदि का लाभ लेकर विभिन्न त्याग प्रत्याख्यान ग्रहण किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *