जितेंद्र राठौड़@झकनावदा ग्राम झकनावदा से 2 किलोमीटर दूर ग्राम भुरीघाटी में विगत 15 वर्षों से लंबी बीमारी से जूझ रही गजली बाई पति टेटीया मेड़ा जो कि कमर की नस दबने से विगत 4 माह से अपने खाट में सोई है जो कि पैरों से भी चलने में असक्षम है । उक्त बुजुर्ग महिला महिला के पास इलाज हेतु भी रुपए नहीं थे।वह उसके खाते में राशि जमा थी तब यह बात उनके पुत्र ने राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के प्रतिनिधि प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमट को अवगत करवाई । तब तुरंत कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित प्रजापत से कुमट ने चर्चा कर अंकित प्रजापत को अपने साथ ग्राम भूरीघाटी ले गए जहां बुजुर्ग महिला गजली बाई मेडा के घर पहुंच कर बायोमेट्रिक के माध्यम से बुजुर्ग महिला के खाते से राशि निकालकर बुजुर्ग महिला गजली बाई को दी जिससे गजलीबाई ने मनीष कुमट व अंकित प्रजापत को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब मैं डॉक्टर को रुपए देकर अपना ईलाज करवा पाऊंगी। Post navigation पौधारोपण पर बोले सांसद GS डामोर ग्रीन इंडिया मिशन से क्षेत्र हरा भरा होगा ईद के पर्व पर मुस्लिम समाज ने कोरोना योद्धाओं का किया सम्मान, संकट की इस घड़ी में एकजुट होकर लड़ने का लिया संकल्प